लखनऊ । विवेक तिवारी हत्याकांड के मुख्य अारोपी प्रशान्त चौधरी की पत्नी राखी मलिक का तबादला…
Category: Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती-2018 की निरस्त परीक्षा 25 व 26 अक्टूबर को
लखनऊ। सिपाही नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला) तथा आरक्षी पीएसी के पदों पर सीधी भर्ती-2018 की 18 व…
मायावती :योगी अादित्यनाथ सरकार में हो रहा है ब्राह्मणों का शोषण
लखनऊ । बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि इस समय प्रदेश की…
गाजियाबाद कैम्प में BSF जवान ने साथी को गोली मारी, मौत
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान ने गाजियाबाद कैम्प में आपसी कहासुनी के बाद अपने एक…
विवेक की मौत पर ट्वीट कर घिरे केजरीवाल, दिल्ली में FIR की तैयारी
नई दिल्ली। दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल लखनऊ में हुई विवेक तिवारी…
मुख्यमंत्री योगी अादित्यनाथ ने कल्पना से की मुलाकात, मदद का अाश्वासन
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अाज सुबह सुबह मृतक विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना और उनके…
मुख्यमंत्री योगी अादित्यनाथ आज कर सकते हैं कल्पना से मुलाकात
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलाने पर अड़ी मृतक विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना की रविवार…
बस्ती में हाईवे पर बस को धक्का लगा रहे लोगों पर चढ़ा ट्रक, 6 की मौत
बस्ती में छावनी थानांतर्गत भदोही ढाबे के पास फोरलेन पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। बस्ती…
जब रक्षक ही बने भक्षक – उत्तर प्रदेश
अर्पित श्रीवास्तव की कलम से.. क्या हम और आप वाकई सुरक्षित है या हमें इस बात का सिर्फ अहसाह कराया जाता है कि हम लोग सुरक्षित है. न तो देश के बॉर्डर मे तैनात जवान सुरक्षित है और न ही देश का आम आदमी सुरक्षित है. देश मे सुरक्षा का आभाव है इस बात को कहते हुए मै खुद से रोश महसूस कर रहा हू. प्रदेश की राजधानी मे एक आम आदमी की अपने रोजगार से लौटते वक़्त हत्या सिर्फ इस बात पर कर दी जाती है की उसने वर्दी वाले साहब केकहने पर अपनी गाड़ी का ब्रेक नहीं लगाया। साहब ने उसे उसकी इस गुस्ताखी की सजा मे मृत्यु दंड दिया। साहब ने एक बार भी नहीं सोचा की उसकी मृत्यु के बाद उसकी पत्नी और दो मासूम बेटियों की जिम्मेदारी को कौन वहन करेगा। कितनी कुंठा होगी उस नारी पर जिसने करवा चौथ के ठीक १ महीने पहले अपने मांग का सिन्दूर खो दिया वो भी एक सिरफिरे के कारण, क्यासोचेगी वो दो मासूम बच्चिया जिन्होंने अपने सर से पिता का शाया खो दिया वो भी एक आदमखोर की वजह से. शर्म आनी चाहिए ऐसे बहरूपियों को जिसने देश के झंडे के नीचे खड़े हो कर २४ घंटे की शपथ खाई थी की वो देश की सेवा और उसकी रक्षा एवंअखंडता के लिए सदैव तत्पर रहेगा। आज क्या उसने अपनी इस हरकत को अंजाम देते वक़्त एक बार भी नहीं सोचा की उसने हत्या ही नहीं की बल्कि देश के गौरव पर सवाल खड़ाकर दिया , उसने ये भी नहीं सोचा की वो भी किसी का पति और किसी का पिता है और जब उससे उसके ही लोग पूछेंगे की तुमने ऐसा क्यू कियातो वो क्या उत्तर देगा अपने इस कृत्य पर. क्या अब देश का कोई भी व्यक्ति अपने आपको सुरक्षित महसूस करेगा जब रक्षक ही भक्षक बन जाये।…
शिवपाल यादव की नई पार्टी में जुड़ेगा लोहिया का नाम, मोटरसाइकिल हो सकता है चुनाव चिह्न
समाजवादी पार्टी के बागी नेता शिवपाल यादव अपनी नई पार्टी के साथ 2019 लोकसभा चुनाव में उतरने के…