छावनी की रंगिया मंडी में नाबालिग को ब्याहने पहुंचे जींद के नरवाना निवासी दूल्हे का विवाह तो हो गया, लेकिन उसे रात हवालात में गुजारनी पड़ी। दूल्हा ही नहीं उसके बड़े भाई व पिता भी सुबह कोर्ट से जमानत पर छूटे। हालांकि नाबालिग बेटी की शादी करने वाली विधवा मां को देर रात ही पुलिस ने जमानत पर छोड़ दिया।

दूल्हे का परिवार नरवाना (जींद) की इंदिरा कॉलोनी का रहने वाला है। दूल्हे के बड़े भाई विक्रम की पत्नी दुल्हन की बहन है। विक्रम ने ही छोटे भाई छोटे भाई अनिल का रिश्ता अपनी 15 वर्षीय साली के साथ तय करवा दिया था। शनिवार को दोनों की शादी हो रही थी, लेकिन दुल्हन की उम्र कम होने की सूचना किसी ने पुलिस के महिला सेल में दे दी।

इसके बाद प्रोटेक्शन आफिसर अरविंद्रजीत कौर, पुलिस व राज्य बाल संरक्षण आयोग सदस्य परमजीत सिंह बड़ौला के साथ मौके पर पहुंच गईं, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही 26 वर्षीय युवक और 15 वर्षीय किशोरी की शादी हो चुकी थी। इस पर पुलिस ने दुल्हन की मां सहित दूल्हे, बड़े भाई व पिता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। अब जब तक दुल्हन की उम्र 18 साल नहीं हो जाती तब तक वह अपनी ससुराल भी नहीं जा सकती है।

 

बाल विवाह हो जाने के बाद कानूनन मान्य

कानूनविदों के मुताबिक बाल विवाह करना अपराध है। ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर दोनों पक्षों के अभिभावकों को सजा हो सकती है। जोड़े में से भी यदि एक बालिग है तो उसे भी सजा होगी, लेकिन बाल विवाह हो जाने पर कानून की दृष्टि में मान्य होता है। नाबालिग पति-पत्नी बालिग होने पर साथ रह सकते हैं। विवाह तब तक शून्य नहीं होगा जब तक दोनों पक्षों में से कोई अदालत में ऐसा करने के लिए आवेदन न दे।