
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हेलीकाप्टर से जायजा लिया। हालांकि, बारिश तेज होने की वजह से उनका हेलिकाप्टर ज्यादा नीचे नहीं जा सका लेकिन करीब 20 मिनट तक उन्होंने सर्वेक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़हलगंज, गोला, गगहा, कौड़ीराम, सहजनवा, खजनी, सदर, कैम्पियरगंज समेत शहरी क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति देखी।
इसके बाद वह भटहट के पिपरी पहुंचे। कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के बाद गोरखनाथ मंदिर में हुई समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री बाढ़ राहत बचाव कार्यों को लेकर कई जरूरी दिशा निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि जिले की सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं लेकिन नियंत्रण में हैं। 125 गांव की 1.22 लाख आबादी प्रभावित है।
अब तक 3140 राहत सामग्री किट वितरित किया गया है। जिले में 321 नाव तैनात की गईं हैं ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा हो। स्वास्थ्य विभाग की 6 और पशुपालन विभाग की 2 टीमें तैनात की गई हैं। बैठक में कमिश्नर रवि कुमार एनजी, एडीजी अखिल कुमार, डीआईजी जे. रविंद्र गौड़, डीएम विजय किरन आनंद, सीडीओ इंद्रजीत सिंह, एसएसपी डॉ. विपिन टाडा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ब्यूरो
बाढ़ से सबसे अधिक गोला तहसील के गांव प्रभावित
जिले में बाढ़ से गोला एवं सदर तहसील के गांव सर्वाधिक प्रभावित हैं। गोला में 51, सदर में 30, सहजनवां में 16, खजनी में 17, चौरीचौरा में 3, कैमपियरगंज में एक गांव प्रभावित है।
रात को लखनऊ लौट गए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रात करीब नौ बजे गोरखपुर से लखनऊ प्रस्थान कर गए। वह यहां हेलीकाप्टर से आए थे और राजकीय वायुयान से गए। मुख्यमंत्री को छोड़ उनका हेलीकाप्टर शाम को ही लखनऊ लौट गया।