बजट में सार्वजनिक परिवहन

रेल, रैपिड, मेट्रो, बस… इनको एक साथ मजबूत करने का प्रावधान बजट में है। रेलवे के साथ परिवहन के सभी माध्यमों को एकीकृत करने का खाका बजटीय भाषण में दिखा है।इससे दिल्ली-एनसीआर समेत दूसरे मेट्रो शहरों में सार्वजनिक परिवहन के सभी माध्यमों को नजदीक आएंगे।वहीं, रीजनल रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) व मेट्रो की चाल पर भी ब्रेक नहीं लगेगी। बजट में आरआरटीएस के लिए बजटीय आवंटन बढ़ाया गया है।अपने बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक शहरी परिवहन और रेलवे स्टेशनों के बीच का संपर्क बेहतर करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम होगा। इसके लिए मौजूदा सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। मल्टीमॉडल संपर्क होने से आम लोगों को परिवहन के एक माध्यम से दूसरे माध्यम पर जाने में सहूलियत होगी। साथ ही समय भी बचेगा। इसका खास फायदा दिल्ली-एनसीआर के लाखों दैनिक यात्रियों को होगा। रैपिड मेट्रो, मेट्रो, रेलवे, बस समेत ऑटो-टेंपों के बीच तालमेल होने से मेरठ, अलवर व पानीपत जैसे शहरों से दिल्ली की आवाजाही आसान होगी।

आरआरटीएस का बढ़ा 238 करोड़ का बजट, प्रोजेक्ट पूरा करने में नहीं होगी अड़चन
आरआरटीएस से दिल्ली-एनसीआर तीन गुना रफ्तार से उड़ान भरने को तैयार है। बीते वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार केंद्र सरकार ने बजटीय आबंटन 4,472 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,710 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। पिछले वित्तीय वर्ष और संशोधित अनुमानों में बजट में कोई बदलाव नहीं किया गया था। जबकि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जो बजटीय प्रावधान है, उसको बड़ा हिस्सा पूंजीगत खर्च है।