
प्रधानमंत्री मोदी की रैली में काला झंडा दिखाकर सुर्खियों में आई रीता यादव ने कांग्रेस से टिकट पाने के लिए नौ दिन पूर्व चार आरोपियों की साजिश से अपने ऊपर फायरिंग कराई थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए फायरिंग में शामिल दो आरोपियों के साथ ही रीता को गिरफ्तार कर लिया।
रीता यादव ने पीएम मोदी को काला झंडा दिखाया था
चांदा कोतवाली क्षेत्र के लालू का पूरा सोनावां गांव की रहने वाली रीता यादव (35) पत्नी संतोष यादव पिछले दिनों उस वक्त चर्चा में आई थी, जब पीएम मोदी जिले के अरवलकीरी रैली में पहुंचे थे। रीता यादव ने उन्हें काला झंडा दिखाया था। इसके बाद रीता यादव अमेठी में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गई थीं। तीन जनवरी को रीता यादव जीप से शहर गई थीं। जीप मुस्तकीम निवासी प्रतापपुर कमैचा चला रहा था। रास्ते में बाइक सवार तीन लोगों ने जीप को ओवरटेक करके रोकने के बाद रीता को गोली मार दी थी। गोली रीता के पैर में लगी थी। डीआईजी/ एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इसके खुलासे के लिए सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल को जिम्मेदारी सौंपी थी।
शहर में छापा मारकर पुलिस ने रीता यादव को गिरफ्तार किया
फायरिंग की घटना में मोहम्मद मुस्तकीम, सूरज यादव निवासी मानापुर, माधव यादव निवासी मानापुर कोतवाली चांदा व एक अन्य व्यक्ति शामिल था। पूछताछ के बाद उपनिरीक्षक चित्रा सिंह ने पुलिस टीम के साथ सुल्तानपुर शहर में छापा मारकर रीता यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया धर्मेंद्र यादव उर्फ भोले, वाहन चालक मोहम्मद मुस्तकीम और रीता यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।