Lok Sabha में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित, प्रधानमंत्री का जवाब नहीं; हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव गुरुवार को लोकसभा में पारित हो गया, लेकिन परंपरा के विपरीत प्रधानमंत्री की ओर से जवाब नहीं हो सका। सदन में लगातार नारेबाजी और विरोध के बीच प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दी गई और कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

पिछले दो दिनों से विपक्ष इस बात पर विरोध जता रहा है कि कांग्रेस नेता Rahul Gandhi को पूर्व सेना प्रमुख Manoj Mukund Naravane के अप्रकाशित संस्मरण का एक अंश उद्धृत करने की अनुमति नहीं दी गई। यह संस्मरण 2020 में भारत-चीन सीमा तनाव के दौरान राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया से जुड़ा बताया जा रहा है।

सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर Om Birla ने विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को मतदान के लिए रखा, जिन्हें खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति के 28 जनवरी को संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पढ़ा, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

एक दिन पहले भी हंगामा, पीएम का संबोधन टला

बुधवार को भी स्थिति तनावपूर्ण रही। संकेत थे कि Narendra Modi धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे सकते हैं, लेकिन विपक्षी महिला सांसदों द्वारा उनकी सीट के आसपास खड़े होने और हटने से इनकार करने के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की कुछ महिला सांसद—जिनमें वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि शामिल थीं—प्रधानमंत्री के बैठने की जगह के पास खड़ी रहीं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा समझाने के प्रयास भी बेअसर रहे। बाद में Mahua Moitra ने कहा कि विपक्ष अपनी बात अपनी तरह से रखेगा।

‘माय ट्रेटर फ्रेंड’ बनाम ‘देश के दुश्मन’

संसद परिसर के मकर द्वार पर राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री Ravneet Singh Bittu के बीच तीखी नोकझोंक भी सुर्खियों में रही। गांधी ने बित्तू को “माय ट्रेटर फ्रेंड” कहा, जिस पर बित्तू ने “देश के दुश्मन” कहकर पलटवार किया। इस पर भाजपा ने इसे सिख समुदाय का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।

केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri और अन्य भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने सफाई दी कि टिप्पणी किसी व्यक्ति विशेष के लिए थी, न कि किसी समुदाय के लिए।

निशिकांत दुबे की टिप्पणी से बढ़ा विवाद

भाजपा सांसद Nishikant Dubey ने सदन में जवाहरलाल नेहरू से जुड़े संदर्भ और कुछ पुस्तकों का उल्लेख किया, जिससे विपक्ष और आक्रामक हो गया। दुबे ने कहा कि जिन पुस्तकों में 2014 से पहले की कहानी है, उन पर भी संसद में चर्चा होनी चाहिए।

इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर व्यवधान पैदा कर रही है और विपक्ष को अपनी बात रखने से रोका जा रहा है।

राज्यसभा में भी चर्चा जारी

इसी मुद्दे पर Rajya Sabha में भी राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा सूचीबद्ध है। लोकसभा में आज 2026-27 के केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा भी निर्धारित है।

तीन दिनों से जारी इस गतिरोध के केंद्र में जनरल नरवणे के संस्मरण का संदर्भ है, जिसे लेकर विपक्ष सरकार पर पारदर्शिता से बचने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार इसे संसदीय मर्यादा और नियमों का विषय बता रही है।