
मध्य पूर्व में जारी ईरान-अमेरिका-इज़राइल संघर्ष अब और व्यापक रूप लेता जा रहा है। संयुक्त अमेरिका-इज़राइल हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता गहराई है। इसी बीच फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए “रक्षात्मक कार्रवाई” करने को तैयार हैं।
यूरोपीय देशों की कड़ी चेतावनी
फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने संयुक्त बयान में कहा कि वे क्षेत्र में अपने हितों और सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक और “अनुपातिक रक्षात्मक कदम” उठा सकते हैं। बयान में कहा गया कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमलों की क्षमता को उनके स्रोत पर ही नष्ट करने के लिए कार्रवाई संभव है।
यूरोपीय शक्तियों का यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी क्षेत्र में ईरानी हमलों के कारण सैन्य और नागरिक ठिकानों पर खतरा बढ़ गया है।
350 भारतीय उड़ानें रद्द, एयर इंडिया की लंबी दूरी की सेवाएं प्रभावित
संघर्ष का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा है। भारतीय एयरलाइनों ने रविवार को लगभग 350 उड़ानें रद्द कर दीं। एयर इंडिया ने यूरोप के कई शहरों — लंदन, ज्यूरिख, मिलान, फ्रैंकफर्ट और कोपेनहेगन — के लिए अपनी 20 अतिरिक्त लंबी दूरी की उड़ानों को स्थगित कर दिया है।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार ने घोषणा की है कि युद्ध की स्थिति में फंसे यात्रियों के आवास और भोजन का खर्च वहन किया जाएगा।
भारतीय छात्रों की सुरक्षा चिंता
ईरान में करीब 3,000 भारतीय छात्र फंसे होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें लगभग 2,000 छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं। बताया जा रहा है कि 1,100 से 1,200 छात्र अब भी संघर्ष प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री से तत्काल निकासी की मांग की है।
भारत सरकार ने ईरान, इज़राइल और यूएई समेत खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर अत्यधिक सतर्क रहने को कहा है।
यूएई पर ईरानी हमले, दूतावास परिसर को नुकसान
ईरान की जवाबी कार्रवाई में यूएई भी निशाने पर आया है। अबू धाबी में एक ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन उसका मलबा एक ऐसे परिसर पर गिरा जहां इज़राइली दूतावास समेत कई अंतरराष्ट्रीय मिशन स्थित हैं। इस घटना में एक महिला और उसका बच्चा मामूली रूप से घायल हुए।
यूएई सरकार ने पुष्टि की है कि ईरानी हमलों में तीन लोगों की मौत हुई — एक पाकिस्तानी, एक नेपाली और एक बांग्लादेशी नागरिक। इसके अलावा देश में अफवाहों, फोन स्कैम और घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं। अधिकारियों ने झूठी खबरें फैलाने के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है।
छह देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले
अमेरिका-इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने पश्चिम एशिया के छह देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह हमला संयुक्त सैन्य अभियान शुरू होने के कुछ घंटों बाद ही किया गया, जिससे संघर्ष और तेज हो गया।
ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा। जवाबी हमलों के कारण खाड़ी के कई शहरों में नागरिक और व्यावसायिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे क्षेत्रीय विमानन और व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
निष्कर्ष
मध्य पूर्व का यह संकट अब बहु-पक्षीय टकराव में बदलता दिख रहा है। एक ओर यूरोपीय देश रक्षात्मक कार्रवाई की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान की जवाबी सैन्य कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है।
उड़ानों की रद्दीकरण, छात्रों की फंसी स्थिति, दूतावास परिसरों पर हमले और अंतरराष्ट्रीय चेतावनियां—इन सबके बीच आने वाले दिन इस संघर्ष की दिशा तय करेंगे। फिलहाल क्षेत्र में तनाव चरम पर है और वैश्विक समुदाय कूटनीतिक समाधान की तलाश में जुटा हुआ है।