मनोहर सरकार ने उठाया कठोर कदम, 2000 हड़ताली एनएचएम कर्मचारी बर्खास्त

चंडीगढ़, जेएनएन। पक्की नौकरी समेत अन्य मांगों को लेकर 5 फरवरी से हड़ताल पर चल रहे एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मचारियों पर सरकार सख्त हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने दो हजार हड़ताली कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। सरकार ने हडताली कर्मचारियों को बृहस्पतिवार दोपहर काम पर लौटने को कहा था। हड़ताल से सर्वाधिक प्रभावित फरीदाबाद, गुरुग्राम और मेवात में 1500 एनएचएम कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। एनएचएम कर्मचारी दो साल में करीब दस बार हड़ताल कर चुके हैं।

फरीदाबाद, गुरुग्राम और मेवात में 1500 एनएचएम कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अमनीत पी कुमार और स्वास्थ्य सचिव राजीव अरोड़ा के साथ अलग-अलग समझौता वार्ताओं के बावजूद करीब साढ़े चार हजार हड़ताली कर्मचारी ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर रहे। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। मिशन निदेशक ने बृहस्पतिवार को एनएचएम कर्मचारियों से हड़ताल का रास्ता छोड़कर काम पर लौटने का आह्वान किया।

सरकार की ओर से उठाए कदमों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सर्विस को सुरक्षित करने के लिए पिछले साल एक जनवरी को ही बॉयलॉज बना दिए गए थे। वेतन की विसंगतियां भी दूर की जा चुकी हैं। वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ते व अन्य लाभ के रूप में सरकार सालाना करीब 110 करोड़ रुपये अधिक दे रही है।

दो साल में दस बार हड़ताल कर चुके एनएचएम कर्मचारियों पर सरकार ने लिया एक्शन

उन्‍होंने कहा कि बार-बार समझाने के बावजूद हड़ताली कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो गई। रेवाड़ी, नारनौल, जींद, झज्जर और दादरी सहित अन्य जिलों में करीब 500 एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। मिशन निदेशक ने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों ने अडिय़ल रवैया नहीं छोड़ा तो बाकियों को भी बर्खास्त कर दिया जाएगा।

पीछे हटने वाले नहीं : रेहान

हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रधान रेहान राजा ने बर्खास्तगी की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि दमनात्मक कार्रवाई से सरकार उनकी जायज मांगों से मुंह नहीं फेर सकती। एनएचएम कर्मचारी अपना हक लेकर रहेंगे और इसके लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

केंद्र का प्रोजेक्ट, नहीं कर सकते पक्का : विज

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने के लिए हड़ताली एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। हड़ताल को गैरकानूनी करार देते हुए उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है और प्रदेश सरकार उन्हें पक्का नहीं कर सकती। सभी जायज मांगें पूरी होने के बावजूद एनएचएम कर्मचारी हड़ताल कर लोगों के स्वास्थ्य से खेल रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।