प्रो कबड्डी में हुआ पानीपत के छह खिलाड़ियो का सलेक्शन, खिलाडी देखाएगे अपनी प्रतिभा

पानीपत। प्रो कबड्डी में पानीपत के छह खिलाड़ी दांव पेच लगाते दिखेंगे। खास बात यह है कि सभी छह खिलाड़ी हलका इसराना के एक ही गांव बुड़शाम के हैं। इनमें तीन खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहले भी प्रो कबड्डी में अपनी धाक जमा चुके हैं।

गांव बुड़शाम के बच्चों से लेकर बुजुर्गों की रग-रग में कबड्डी है। कहते हैं कि गांव की मिट्टी में कबड्डी का जादू है। यहां पांच साल का बच्चा भी कबड्डी एक परिपक्व खिलाड़ी की तरह ही खेलता है। प्रो कबड्डी में चुने गए गांव के वरिष्ठ कबड्डी खिलाड़ी रोहित गुलिया ने बताया कि जब स्टेडियम जाते हैं, तो पांच साल के छोटे खिलाड़ी उनका इंतजार करते मिलते हैं। उनमें कबड्डी खेलने का पूरा जोश है।

रोजाना 400 से ज्यादा खिलाड़ी बुड़शाम गांव के दो खेल मैदानों में अभ्यास करने के लिए आते हैं। जिसमें पांच साल के छोटे बच्चे से लेकर 30 साल के युवा शामिल हैं। पहला कबड्डी ग्राउंड गांव के सरकारी स्कूल में है, यहीं से ज्यादातर खिलाड़ियों ने कबड्डी की शुरुआत की है। दूसरा ग्राउंड गांव के स्टेडियम में है, जिसमें बीते दो साल से खिलाड़ी अभ्यास करते आ रहे हैं। संवाद

यह हैं छह खिलाड़ी और उनकी टीमें

पहली बार बुड़शाम के छह खिलाड़ियों को एकसाथ प्रो कबड्डी में चुना गया है। इनमें जिसमें रोहित गुलिया का हरियाणा स्टीलर्स, मोनू बिनवाल पटना पाइरेट, सोमबीर गुलिया पुनेरी पलटन, सुशील गुलिया जयपुर पिंक पैंथर्स, सौरभ गुलिया पटना पाइरेट्स और साहिल गुलिया का तेलगू टाइटन टीम में चयन हुआ है। रोहित गुलिया प्रो कबड्डी लीग सीजन-5 से लगातार खेल रहे हैं। वहीं सुशील दूसरी बार प्रो कबड्डी में अपना जलवा दिखाएंगे। पानीपत के खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा महंगे खिलाड़ी रोहित गुलिया हैं, जिनको इस बार प्रो कबड्डी लीग में खेलने के 83 लाख रुपये मिलेंगे।

आसपास के 10 गांव के खिलाड़ी भी सीखने आते हैं कबड्डी

गांव बुड़शाम में रोजाना शाम को आसपास के 10 गांवों से खिलाड़ी कबड्डी खेलने के लिए आते हैं। गांव डिडवाडी, हरतड़ी, नरायणा, बलाना, पालड़ी, नौल्था से रोजाना खिलाड़ी सुबह और शाम अभ्यास करने के लिए आते हैं। कुछ तो ऐसे हैं, जो अब गांव में रहकर ही खेल का अभ्यास कर रहे हैं।

प्रो कबड्डी लीग के खिलाड़ियों से बात

दूसरी बार प्रो कबड्डी लीग के लिए चयन हुआ है। स्कूल जाने के दौरान रोज गांव में लोगों को कबड्डी खेलते देखता था, जिसके बाद खुद कबड्डी खेलना शुरू कर दिया। इस साल जयपुर पिंक पैंथर्स में खेलने का मौका मिला है।

सुशील गुलिया

सोमबीर और सुशील गुलिया सगे भाई और इस बार दोनों एक साथ प्रो कबड्डी में खेलेंगे। सोमबीर ने बताया कि इस खेल ने ही उन्हें एयर फोर्स में नौकरी दिलाई है। इस बार पुनेरी पलटन की टीम से खेलेंगे।

सोमबीर गुलिया

रोहित ने बताया कि दस साल की उम्र में गांव के लोगों और अपने दादा-पापा को कबड्डी खेलता देखा, फिर उन्होंने भी शुरुआत की। खेल की बदौलत रेलवे में चयन हुआ, फिलहाल गांव में रहकर अभ्यास कर रहा हूं।

रोहित गुलिया

कबड्डी खेलकर इस समय हैदराबाद में रेलवे विभाग में काम कर रहा हूं। दस साल की उम्र से अपने गांव में कबड्डी खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि वह हैदराबाद में प्रो कबड्डी लीग की तैयारी कर रहे हैं।

मोनू बिरवाल

अपने गांव के युवाओं को देखकर कबड्डी खेलना शुरू किया था। कबड्डी खेलते हुए सात से आठ साल हो गए है। अच्छे प्रदर्शन के चलते इस बार प्रो कबड्डी लीग में 10 लाख रुपये में तेलगू टाईटन्स में चयन हुआ है।

साहिल गुलिया

अपने चाचा और पापा को कबड्डी खेलता देख कबड्डी की शुरुआत की थी। खेल में अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर एयर फोर्स में चयन हुआ था। कबड्डी की तैयारी की और पटना पाइरेट्स की टीम में 10 लाख रुपये में चहन हुआ।

सौरभ गुलिया