जानेमाने शिक्षाविद और जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व कुलपति मुशीरुल हसन का देहांत हो गया। तड़के चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से मेवात के लोग सन्न रह गए। दिल्ली से मेवात जाते हुए एक सड़क हादसे में वो करीब चार वर्ष पूर्व घायल हो गए थे। उनके सिर में चोट लगी थी, जिसके बाद उनका दिल्ली के अस्पताल में ऑपरेशन भी कराया गया था।
नवंबर 2014 को सुबह करीब 11.30 बजे यह हादसा हुआ। 69 वर्षीय हसन के साथ कार में दो और लोग सवार थे। मेवात में गुरुग्राम-अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग 248 ए पर मांडीखेड़ा गांव के समीप यह हादसा हुआ था। पूर्व वाइस चांसलर मुशीरुल हसन हादसे में लगी चोटों की वजह से उसी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। सोमवार दोपहर बाद उन्हें जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय प्रांगण में अंतिम विदाई देने जन सैलाब उमड़ पड़ा।
आपको बता दें कि अरावली पब्लिक स्कूल मूसा नगर में किसी कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए शिक्षाविद मुशीरुल हसन मेवात आए थे। उसी समय एक डम्पर के साथ उनकी कार टकरा गयी और उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। उन्हें घटना के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहीँ पर उनकी सर्जरी कराई गई। घटना वर्ष 2014 की है। उसके बाद से पूर्व वाइस चांसलर की सेहत में सुधार नहीं हुआ। आखिरकार रविवार देर रात उनका निधन हो गया।
दिल्ली से लेकर मेवात तक उनके निधन का शोक मनाया जा रहा है। पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना देश के लिए अपूर्णीय क्षति है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। कुदरत उन्हें जन्नत में आला मुकाम अता करे। शिक्षा की अलख जो उन्होंने जगाई थी, वो हमेशा दीये की तरह रोशन रहेगी।
