
टोक्यो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की दो दिवसीय यात्रा पर पहुँचे हैं। यह वार्षिक द्विपक्षीय बैठक भारत-जापान संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। इस दौरान आर्थिक सहयोग से लेकर रक्षा और रणनीतिक साझेदारी तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
10 ट्रिलियन येन का निवेश
जापान के प्रमुख मीडिया प्लेटफ़ॉर्म निक्केई एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान अगले दस सालों में भारत में 10 ट्रिलियन येन (करीब 68 अरब डॉलर) का निवेश करेगा। यह निवेश आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स, पर्यावरण और स्वास्थ्य क्षेत्र जैसे उभरते सेक्टरों पर केंद्रित होगा।
15वां भारत-जापान शिखर सम्मेलन
प्रधानमंत्री मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा के बीच 15वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, तकनीकी सहयोग और निवेश बढ़ाने पर बातचीत होगी।
क्वाड पर होगी बड़ी चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का एक अहम एजेंडा होगा क्वाड (Quad) – एक रणनीतिक मंच जो इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए काम करता है। भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया इस समूह का हिस्सा हैं।
बुलेट ट्रेन और रक्षा सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी टोक्यो की इलेक्ट्रॉन फ़ैक्ट्री और शिंकानसेन प्लांट का भी दौरा करेंगे, जहाँ बुलेट ट्रेन के डिब्बे बनाए जाते हैं। भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना को गति देने के लिए जापान की भागीदारी को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, भारतीय नौसेना और जापानी मैरीटाइम सेल्फ-डिफ़ेंस फ़ोर्स के बीच जहाज़ों की मेंटेनेंस सहयोग पर भी बातचीत संभव है।
आगे का कार्यक्रम
जापान यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी चीन के तियानजिन शहर भी जाएँगे, जहाँ वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।