होर्मुज संकट के बीच भारतीय नौसेना अलर्ट, टैंकरों की सुरक्षा के लिए तैनात युद्धपोत | LPG KYC News

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारतीय नौसेना ने कच्चे तेल और तरलीकृत गैस (LPG) ले जाने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए दो विशेष युद्धपोत टास्क फोर्स तैनात किए हैं।

टैंकरों को मिल रही सैन्य सुरक्षा

नौसेना द्वारा तैनात ये युद्धपोत व्यापारी जहाजों और ऊर्जा टैंकरों को एस्कॉर्ट कर रहे हैं, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो। फारस की खाड़ी से आने वाले इन जहाजों की सुरक्षा मौजूदा हालात में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सोमवार को भारतीय LPG टैंकर ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा। इसके अलावा दो और जहाजों के जल्द भारत पहुंचने की उम्मीद है।

होर्मुज में ईरान की सख्ती

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि, भारत और चीन से जुड़े कुछ जहाजों को सीमित रूप से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए भारतीय नौसेना लगातार निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

वर्तमान में फारस की खाड़ी में 22 भारतीय जहाज सक्रिय हैं, जिनमें 611 नाविक मौजूद हैं। इनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना भारत के लिए प्राथमिकता है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ती हलचल

अमेरिका ने भी इस मुद्दे पर सक्रिय रुख अपनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए बहुराष्ट्रीय नौसैनिक गठबंधन बनाने की अपील की है। बताया जा रहा है कि कई देश इस प्रयास में शामिल हो सकते हैं।

ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल “विरोधी देशों” के खिलाफ है और वह अपनी रणनीति जारी रखेगा।


LPG उपभोक्ताओं के लिए नई अनिवार्यता: e-KYC जरूरी

इस बीच, केंद्र सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार आधारित e-KYC अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य सब्सिडी प्रणाली को पारदर्शी बनाना और फर्जी कनेक्शन को खत्म करना है।

घर बैठे करें e-KYC

उपभोक्ता अब मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ही e-KYC प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ऐप के साथ आधार FaceRD ऐप का उपयोग किया जा सकता है।

नियम नहीं मानने पर असर

यदि उपभोक्ता समय पर e-KYC नहीं करते हैं, तो:

  • गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है
  • सब्सिडी रोक दी जा सकती है

उज्ज्वला योजना के लिए विशेष नियम

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पहली रिफिल से पहले e-KYC कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर योजना का लाभ बंद हो सकता है।

निष्क्रिय कनेक्शन पर सख्ती

जो उपभोक्ता 9 महीने से अधिक समय से गैस रिफिल नहीं करा रहे हैं, उन्हें दोबारा सेवा शुरू करने से पहले डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर KYC कराना पड़ सकता है।


निष्कर्ष

भारत एक साथ दो मोर्चों पर सक्रिय है—एक तरफ वैश्विक संकट के बीच ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा, और दूसरी ओर देश के भीतर LPG वितरण प्रणाली को मजबूत बनाना। मौजूदा हालात संकेत देते हैं कि आने वाले समय में ऊर्जा और सुरक्षा दोनों ही राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में और ऊपर रहेंगे।