
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका के बीच भारत में एलपीजी (LPG) की संभावित कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को गैस आपूर्ति की रोजाना निगरानी करने और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही होटल, रेस्तरां और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए सिलेंडर वितरण पर नियंत्रण की खबरों के बाद बाजार में चिंता का माहौल बन गया है।
इसी बीच ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ गई है। कई ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर इंडक्शन स्टोव तेजी से आउट ऑफ स्टॉक हो गए, क्योंकि लोगों को आशंका है कि अगर गैस की आपूर्ति बाधित हुई तो वैकल्पिक खाना पकाने के साधनों की जरूरत पड़ सकती है।
स्थिति की निगरानी के लिए गृह मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जिसमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नोडल अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।
भारत में हर साल लगभग 31.3 मिलियन टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से करीब 87 प्रतिशत घरेलू रसोई में इस्तेमाल होता है, जबकि शेष होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग किया जाता है। कुल मांग का लगभग 62 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है।
मौजूदा संकट की जड़ पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव है। अमेरिका और इजराइल के हमलों तथा ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होने की खबरें सामने आई हैं। यह समुद्री मार्ग भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के लगभग 85–90 प्रतिशत एलपीजी आयात इसी रास्ते से सऊदी अरब और कतर जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आते हैं।
कई शहरों में ब्लैक मार्केट में बढ़ी कीमतें
इस बीच देश के कई शहरों से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी की खबरें भी सामने आई हैं। दिल्ली में ब्लैक मार्केट में एक सिलेंडर की कीमत करीब ₹1,500 तक पहुंच गई है, जबकि मुंबई में यह लगभग ₹3,000 तक बिकने की खबर है। बेंगलुरु में भी कीमतें आधिकारिक दरों से करीब डेढ़ गुना तक बढ़ गई हैं।
रेस्तरां, ढाबों और छोटे खाद्य व्यवसायों ने सिलेंडर आपूर्ति में देरी की शिकायत की है। हालांकि केंद्र सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की उपलब्धता फिलहाल सुरक्षित है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सरकार ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया है कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर तुरंत कार्रवाई की जाए और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए, ताकि गैस की आपूर्ति को लेकर फैली अफवाहों पर नियंत्रण किया जा सके।