Census 2027: भारत में जनगणना का पहला चरण आज से शुरू

भारत में जनगणना 2027 का पहला चरण आज से शुरू हो गया है, जो दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया मानी जाती है। यह देश की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना है।

इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि पहली बार इसे पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। साथ ही नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने (Self-Enumeration) का विकल्प भी दिया गया है।

दो चरणों में होगी पूरी प्रक्रिया

जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा:

1. हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO):
इस चरण में सभी भवनों और संरचनाओं की सूची बनाई जाएगी। साथ ही घरों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और संपत्तियों की जानकारी जुटाई जाएगी। प्रत्येक भवन का जियो-टैगिंग किया जाएगा और उसे एक यूनिक आईडी दी जाएगी।

यह चरण 16 अप्रैल से 15 मई तक चलेगा, जबकि स्वयं गणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक होगी।

2. जनसंख्या गणना (Population Enumeration):
दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा, जिसमें जनसंख्या से जुड़े सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा, प्रवास और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।

विशेष क्षेत्रों के लिए अलग तारीख

लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे बर्फीले क्षेत्रों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है, जबकि बाकी देश के लिए यह 1 मार्च 2027 होगी।

पहली बार शामिल होगा जाति गणना

इस बार जनगणना में एक बड़ा बदलाव करते हुए जाति गणना को भी शामिल किया गया है, जो दूसरे चरण के दौरान की जाएगी। यह डेटा नीति निर्माण और सामाजिक योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

डिजिटल और सुरक्षित प्रक्रिया

जनगणना के दौरान गणनाकर्मी मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे डेटा एकत्र करेंगे और उसे अपलोड करेंगे। इसके अलावा, नागरिक 16 भाषाओं में उपलब्ध वेब पोर्टल के जरिए खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने आश्वासन दिया है कि डेटा सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।

11,718 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मंजूर किया है। यह प्रक्रिया पहले 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

कई राज्यों में शुरू होगा पहला चरण

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम, दिल्ली के एनडीएमसी क्षेत्र और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू होगी।

भारत की यह जनगणना न केवल दुनिया की सबसे बड़ी डेटा संग्रह प्रक्रिया है, बल्कि डिजिटल तकनीक के जरिए पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।