महंगा हुआ प्रीमियम पेट्रोल: 160 रुपये लीटर पहुंचा, ATF और LPG भी महंगे

देश में ईंधन की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल, डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है, जिससे आम उपभोक्ताओं से लेकर उद्योगों तक पर असर पड़ने की आशंका है।


प्रीमियम पेट्रोल 160 रुपये प्रति लीटर

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने 100 ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल (XP100) की कीमत 149 रुपये से बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दी है।

  • XP100 पेट्रोल: ₹149 → ₹160 प्रति लीटर
  • एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल: ₹91.49 → ₹92.99 प्रति लीटर

XP100 पेट्रोल मुख्य रूप से हाई-एंड कारों और सुपरबाइक्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इंजन परफॉर्मेंस बेहतर होती है।


वैश्विक संकट का असर

तेल कंपनियों ने कीमत बढ़ाने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल इसका मुख्य कारण है। सप्लाई चेन में बाधा और प्रमुख समुद्री मार्गों पर संकट ने भी कीमतों को प्रभावित किया है।


ATF की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव

एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल देखा गया:

  • पहले कीमत बढ़कर ₹2.07 लाख प्रति किलोलीटर हो गई
  • बाद में घरेलू एयरलाइंस के लिए घटाकर ₹1.04 लाख प्रति किलोलीटर कर दी गई

हालांकि संशोधन के बाद भी ATF की कीमतें ऐतिहासिक रूप से काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।


कमर्शियल LPG सिलेंडर 2,078 रुपये के पार

व्यावसायिक LPG सिलेंडर की कीमत में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है:

  • 19 किलो सिलेंडर: ₹1,768.50 → ₹2,078.50
  • मार्च 1 के बाद यह तीसरी बढ़ोतरी है

कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में भी कीमतें बढ़ाई गई हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।


आम लोगों पर क्या असर?

इस बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ेगा।

  • प्रीमियम ईंधन महंगा होने से वाहन मालिकों पर दबाव बढ़ेगा
  • ATF महंगा होने से हवाई यात्रा महंगी हो सकती है
  • LPG की कीमत बढ़ने से खाद्य सेवाओं की लागत बढ़ेगी

पहले मिली थी राहत

गौरतलब है कि 27 मार्च को सरकार ने सामान्य पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाई थी, जिससे आम ईंधन की कीमतें स्थिर बनी रहीं।


आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय आई है जब पहले से ही महंगाई और वैश्विक अस्थिरता आम लोगों और व्यवसायों के लिए चुनौती बनी हुई है।