Union Budget 2026: कैपेक्स में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, राजकोषीय घाटा घटा, कई चीजें सस्ती–महंगी

1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किए गए Union Budget 2026 में सरकार ने विकास को गति देने के लिए पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) को अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचाया है, साथ ही कस्टम और एक्साइज ड्यूटी में बदलाव कर घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और मध्यम वर्ग को राहत देने की कोशिश की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार बजट पेश किया।


आय और व्यय का खाका

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने नॉन-डेब्ट रसीदें ₹36.5 लाख करोड़ आंकी हैं, जबकि कुल व्यय ₹53.5 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। नेट टैक्स रसीदें ₹28.7 लाख करोड़ अनुमानित हैं, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान ₹26.7 लाख करोड़ से अधिक हैं।

राजस्व व्यय (Revenue Expenditure) FY27 में ₹41.25 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जो FY26 के ₹38.69 लाख करोड़ से अधिक है।

पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर ₹12.22 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो GDP का 4.4% है। यह पिछले वर्ष के ₹11.11 लाख करोड़ से 10% अधिक है और अब तक का सर्वाधिक कैपेक्स है।


कैपेक्स का ट्रेंड

2015-16 में सरकार का कैपेक्स ₹2.35 लाख करोड़ था।
2021-22 में यह GDP का 2.5% था।
2024-25 में यह लगभग 4% तक पहुंचा।
अब 2026-27 में यह 4.4% हो गया है।

यह संकेत देता है कि सरकार अवसंरचना और परिसंपत्ति निर्माण पर आक्रामक निवेश जारी रखना चाहती है।


राजकोषीय घाटा और कर्ज

  • राजकोषीय घाटा: GDP का 4.3% (पिछले वर्ष 4.4%)
  • कर्ज-से-GDP अनुपात: 55.6% (पिछले वर्ष 56.1%)

सरकार का लक्ष्य घाटे और कर्ज अनुपात को धीरे-धीरे नियंत्रित करना है।


सरकार की आय के स्रोत

  • उधारी और अन्य देनदारियां: 24%
  • आयकर: 21%
  • GST व अन्य कर: 15%
  • कॉरपोरेशन टैक्स: 18%
  • शेष आय: एक्साइज, कस्टम, गैर-कर राजस्व

खर्च का वितरण

  • राज्यों को करों में हिस्सा: 22%
  • ब्याज भुगतान: 20%
  • केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएं: 17%
  • रक्षा: 11%
  • वित्त आयोग व अन्य ट्रांसफर: 8%
  • केंद्र प्रायोजित योजनाएं: 7%
  • पेंशन: 2%
  • अन्य मद: 7%

क्या सस्ता हुआ?

बजट में कई वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने या हटाने का फैसला किया गया है:

  • 7 महत्वपूर्ण कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी समाप्त
  • दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और FSMP पर ड्यूटी छूट
  • मोबाइल और टैबलेट के कंपोनेंट्स सस्ते
  • सोलर पैनल और माइक्रोवेव ओवन के पार्ट्स पर राहत
  • लिथियम ऑक्साइड, हाइड्रॉक्साइड, कार्बोनेट पर ड्यूटी समाप्त
  • लिथियम-आयन सेल पर रियायती ड्यूटी दो साल के लिए बढ़ाई गई
  • सोलर ग्लास के कच्चे माल पर छूट
  • लेदर उपकरण और टेक्सटाइल उत्पादों पर राहत
  • न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट कंपोनेंट्स पर ड्यूटी छूट 2035 तक
  • झींगा आहार और समुद्री उत्पादों पर राहत
  • विदेशी शिक्षा पर TCS 5% से घटाकर 2%, ₹10 लाख तक छूट
  • विदेश यात्रा पर टैक्स स्ट्रक्चर को सरल कर 2% किया गया

क्या महंगा हुआ?

  • सिगरेट, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद महंगे
  • शराब महंगी
  • F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ा
  • कुछ आयातित व्यक्तिगत उपयोग के सामान महंगे
  • कॉफी रोस्टिंग और ब्रूइंग मशीनें महंगी
  • कोयला, लिग्नाइट, आयरन ओर जैसे खनिजों पर TCS 1% से बढ़कर 2%

निष्कर्ष

Union Budget 2026 में सरकार ने विकास को गति देने के लिए रिकॉर्ड कैपेक्स का रास्ता चुना है, साथ ही कर संरचना में बदलाव कर स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रीन एनर्जी और घरेलू उद्योग को राहत देने का प्रयास किया है। राजकोषीय घाटे और कर्ज अनुपात में मामूली सुधार के साथ यह बजट संतुलन साधने की दिशा में एक कदम माना जा सकता है।