मकर संक्रांति पर इन वस्तुओं के दान से मिल सकता है ये वरदान

हमारे देश में सभी त्योहारों का अपना एक विशेष महत्त्व है और इन्हें मनाने का तरीका भी अलग-अलग है. आज देशभर में मकर संक्रांति का पर्व मानाया जा रहा है, जिसे अलग-अलग भागों में अलग नाम व कुछ मिलते-जुलते तरीकों से मनाया जा रहा है. माना जाता है कि सूर्यदेव (Surya Dev) जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति कहलाती है. इसके साथ ही आज से खरमास की भी समाप्ति हो रही है. मान्यता है कि इस पर्व पर समुद्र में स्नान के साथ-साथ गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा, कृष्णा, कावेरी आदि सभी पवित्र नदियों में स्नान करके सूर्य को अर्घ्य देने से पापों का नाश तो होता ही है, साथ ही पितृ भी तृप्त होकर अपने परिवार को आशीर्वाद देते हैं. मकर संक्रांति के दिन दान का विशेष महत्व है. यहां तक कि इस दिन किए जाने वाले दान को महादान की श्रेणी में रखा गया है. मान्यता है कि मकर संक्रांति पर कुछ वस्तुओं का दान लाभकारी हो सकता है.

काले तिल का दान

मकर संक्रांति के दिन काले तिल का विशेष महत्व है. आज के दिन तिल दान देने की परपंरा है. माना जाता है कि काले तिल का दान शनिदोष से मुक्ति दिलाता है. आज के दिन शनि के निमित्त काले तिल का दान विशेष लाभप्रद माना जाता है.

उड़द की खिचड़ी का दान

मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने की भी परंपरा है. इससे संबंधित कई कथाएं भी प्रचलित हैं. आज के दिन उरद की दाल और चावल से बनी खिचड़ी का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. खिचड़ी दान के कारण ही इस दिन को खिचड़ी भी कहा जाता है. मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन जरूरतमंद को खिचड़ी का दान करने से घर से दुख-दारिद्रय की समाप्ति होती है.

गुड़ का दान

शास्त्रों में गुड़ का संबंध गुरु ग्रह और सूर्य देव से माना जाता है. कहते हैं कि मकर संक्रांति के दिन गुड़ का दान करने से सूर्य देव आरोग्य का वर प्रदान करते हैं. आज के दिन गुड़ का देना करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि आज के दिन तांबे के लोटे में गुड़ डालकर सूर्य देव को अर्घ्य प्रदान उत्तम होता है. कहा जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.

शुद्ध घी का दान

मकर संक्रांति के दिन शुद्ध घी का दान देने को शुभ माना जाता है. इससे जुड़ी मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन शुद्ध घी का दान नौकरी और व्यापार के क्षेत्र में सफलता प्रदान करता है. कहते हैं कि इस दिन शुद्ध घी के दिए जला कर भगवान सूर्य का पूजन करना चाहिए.