दूर तलक जाएगी नतीजों की गूंज: विधानसभा चुनाव के परिणामों का एमएलसी से राष्ट्रपति चुनाव तक दिखेगा असर

हर दिन नए तीरों की टंकार। हर दिन नई हुंकार। पल-पल समीकरणों में बनती-बिगड़ती सरकार। कभी ये पलड़ा भारी, तो कभी वो…। ऐसा रोमांच देखा है कहीं! यूपी के सियासी समीकरणों में कब एक-एक मिलकर ग्यारह हो जाए, पता नहीं। यहां कब कोई जोड़ घटाने में बदल जाए, पता नहीं…। समीकरणों की ये अंक गणित निराली है। कौन समर्थक विरोध कर रहा है और कौन विरोधी समर्थन कर तीसरे को फायदा पहुंचा रहा है, यह गुणा-भाग यहीं देखने को मिलता है। 

यूपी की सियासत का अंदाज ही निराला है। मिजाज ही निराला है। विधानसभा चुनाव बेहद रोचक पड़ाव पर पहुंच चुका है। पर, ये रोमांच नतीजों पर ही जाकर नहीं ठहर जाएगा। यहां के नतीजे बहुत कुछ बदलाव लाएंगे। 

विधानसभा चुनाव के परिणामों का एमएलसी से राष्ट्रपति चुनाव तक दिखेगा असर
18 वीं विधानसभा के चुनाव बहुत अहम हैं। नतीजे आते ही इनका असर दिखना शुरू हो जाएगा। विधान परिषद में मनोनयन से खाली होने वाली सीटों से लेकर विधायकों से चुनी जाने वाली सीटों पर नतीजे सीधे असर डालेंगे। इनके चुनाव विधानसभा चुनाव के तत्काल बाद होने हैं। 13 सीटें विधानसभा कोटे की भी इसी साल खाली हो रही हैं। जो भी पार्टी सत्ता में आएगी, विधानसभा में अपनी ताकत के हिसाब से बड़ी संख्या में लोगों को परिषद में समायोजित कर सकेगी। यही नहीं, राज्यसभा की रिक्त हो रही सीटों के साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों पर भी इन नतीजों की अहम भूमिका होगी। देश के शीर्ष पदों के लिए चुनाव इसी वर्ष होने हैं।