कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजेंगे

नौनिहालों को पोषित करने के लिए एक सितंबर से अभियान शुरू हो चुका है। यह माह राष्ट्रीय पोषण माह के तौर पर मनाया जा रहा है। इस दौरान कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के साथ उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजा जाएगा।

राष्ट्रीय पोषण माह तहत पूरे माह चलने वाले अभियान को शासन ने पहले ही चार भागों में बांट दिया है। इसके पहले चरण में सात सितंबर तक प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पौधरोपण होगा। मवाना ब्लॉक में 163 और हस्तिनापुर ब्लॉक में 118 आंगनबाड़ी केन्द्र है। शुक्रवार को हस्तिनापुर ब्लॉक के रानी नंगला केन्द्र पर पौधरोपण किया गया। कोविड टीकाकरण और कोविड प्रोटोकॉल के पालन के लिए संवेदीकरण/जागरुकता अभियान का भी आयोजन होगा। पोषण माह के दौरान 6 वर्ष से कम के बच्चों के लिए ऊंचाई और वजन माप के लिए एक विशेष अभियान चलेगा। 10 विभागों को शामिल किया गया है इसमें स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, ग्राम विकास विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, उद्यान विभाग, पंचायती राज विभाग और जिला सूचना विभाग शामिल है।

मवाना और हस्तिनापुर ब्लॉक के बाल विकास परियोजना अधिकारी राजीव केसरी ने जानकारी दी कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौधरोपण का कार्य चल रहा है। द्वितीय सप्ताह में योगा एवं आयुष के तहत बच्चों-किशोरियों तथा गर्भवती महिलाओं को केंद्रित करते हुए योगा सत्रों का आयोजन होगा। तृतीय सप्ताह में पोषण संबंधी प्रचार-प्रसार सामग्री और अनुपूरक पुष्टाहार का वितरण होगा। चतुर्थ सप्ताह में सैम-मैम बच्चों के चिह्नांकन का अभियान चलेगा। बताया कि शुक्रवार को रानी नंगला पर पौधरोपण के समय सुपरवाइजर सावित्री देवी, कार्यकत्री मुनेश व संजीदा मौजूद रहीं।