कांग्रेस यूपी में चुनाव प्रचार से रख सकती है दूर, ‘भैया’ विवाद पर बुरे फंस गए चन्नी, मनीष तिवारी और दिग्विजय सिंह ने घेरा!

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) के भैया विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष के साथ अब पार्टी के अंदर भी सवाल उठने लगे हैं। पंजाब चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पार्टी सांसद मनीष तिवारी ने इस विवाद को हवा देते हुए कहा कि पंजाब में इस तरह की सोच की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

 उन्होंने एक साथ कई ट्वीट कर कहा कि यह हरित क्रांति की शुरुआत में पंजाब आने वाले प्रवासियों के खिलाफ एक दुर्भाग्यपूर्ण और संस्थागत सामाजिक पूर्वाग्रह को दर्शाता है। अपने परिवार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेरी मां जाट सिख होने और मेरे पिता पंजाब की सियासत के प्रमुख नेता होने के बावजूद पंजाबी-पंजाबियत, हिंदू-सिख एकता के लिए अपना जीवन लगा दिया।

तिवारी ने कहा कि नाम के कारण उनके पीठ पीछे कहा जाता है कि ‘एह भैया किठो आगा’। बकौल उनके, यह पंजाबी के सबसे अच्छे अपशब्दों में शुमार है। हमें इसे जड़ से खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे विचारों का पंजाब के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इस बीच, पार्टी ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के उत्तर प्रदेश चुनाव प्रचार के कार्यक्रम को अंतिम रुप नहीं दिया है।

पंजाब में 20 फरवरी को मतदान है। इसके बाद पार्टी चन्नी को चुनाव प्रचार में उतारने की तैयारी कर रही थी। पर अब पार्टी स्थिति का आंकलन कर रही है।

 मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दग्विजिय सिंह ने भी पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर परोक्ष रूप से हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आदिवासी या अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से मुख्यमंत्री से पहले राज्य में सरकार बनाने लायक बहुमत लाने की प्राथमिकता है। सिंह ने जिले के बोरावा में पत्रकारों से चर्चा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता फिलहाल पिछड़ा या आदिवासी मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि सरकार बनाने लायक बहुमत लाने की है।

चरणजीत सिंह चन्नी के भैया वाले बयान को लेकर उन्होंने कहा कि उसे गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि चन्नी के मुताबिक बाहर के नेता यहां आकर नेतागिरी न करें, पंजाब दरअसल पंजाबियत और पंजाबियों का है।