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महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: मुंबई में BJP-शिवसेना का दबदबा, ठाकरे परिवार का 25 साल पुराना किला ढहा

मुंबई। महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में भाजपा-नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए राज्य की शहरी राजनीति में निर्णायक बढ़त हासिल की है। गुरुवार को हुए चुनावों में महायुति ने राज्य की 29 में से 25 नगर निगमों में बहुमत हासिल किया। सबसे अहम नतीजा मुंबई से आया, जहां Brihanmumbai Municipal Corporation में लगभग 25 वर्षों से चला आ रहा ठाकरे परिवार का वर्चस्व समाप्त हो गया।

BMC में भाजपा का उभार

227 सदस्यीय BMC में महायुति ने 114 सीटों का बहुमत आंकड़ा पार कर लिया। यह भारत का सबसे अमीर नगर निकाय है, जिसका 2025-26 का बजट लगभग 74,427 करोड़ रुपये है। इन नतीजों के साथ भाजपा पहली बार BMC में निर्णायक स्थिति में पहुंची है।

फडणवीस और मोदी ने बताया “विकास की जीत”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, जो नगर निगम चुनावों में भाजपा के प्रमुख प्रचारक रहे, ने कहा कि महायुति 25 नगर निगमों में अपने महापौर बनाएगी। उन्होंने इस जीत को “महा विजय” करार दिया।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने चुनावी नतीजों को विकास की राजनीति का समर्थन बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने सुशासन और विकास के एजेंडे पर भरोसा जताया है और यह जनादेश प्रगति को और गति देगा।

ठाकरे राजनीति को झटका

इन नतीजों में Uddhav Thackeray और उनके चचेरे भाई Raj Thackeray की ‘मराठी अस्मिता’ की राजनीति को बड़ा झटका लगा। खास तौर पर मुंबई में राज ठाकरे की पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। भाजपा द्वारा तमिलनाडु इकाई के पूर्व प्रमुख के. अन्नामलाई को प्रचार में उतारना भी चर्चा का विषय रहा।

पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और नागपुर में भी जीत

पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में, जहां अजित पवार की एनसीपी और शरद पवार की एनसीपी-एसपी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा, वहां भी भाजपा-शिवसेना गठबंधन विजयी रहा। नागपुर नगर निगम में भाजपा ने अपना दबदबा बरकरार रखते हुए 2017 के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से आगे बढ़ने के संकेत दिए।

विपक्ष के लिए मिला-जुला संदेश

विपक्षी INDIA गठबंधन के लिए नतीजे मिश्रित रहे। शिवसेना (UBT) को मध्य मुंबई और कोंकण के कुछ हिस्सों में आंशिक सफलता मिली, जबकि कांग्रेस और एनसीपी-एसपी लातूर और कोल्हापुर तक सीमित रहीं।

AIMIM का मुस्लिम बहुल इलाकों में प्रदर्शन

All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen ने मुस्लिम बहुल इलाकों में उल्लेखनीय बढ़त बनाई। पार्टी के पूर्व सांसद Imtiaz Jaleel ने दावा किया कि AIMIM राज्यभर में लगभग 100 सीटें जीत सकती है। छत्रपति संभाजीनगर, धुले, अमरावती, जालना, मालेगांव और परभणी में पार्टी की मजबूत मौजूदगी देखी गई।

रिकॉर्ड मतदान, आरोप खारिज

इन चुनावों में लगभग 53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसे राज्य निर्वाचन आयोग ने रिकॉर्ड बताया। विपक्ष द्वारा अमिट स्याही और ईवीएम को लेकर उठाई गई आशंकाओं को Maharashtra State Election Commission ने खारिज कर दिया।

कुल मिलाकर, महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों ने स्पष्ट कर दिया है कि शहरी क्षेत्रों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन की पकड़ मजबूत हुई है और यह परिणाम राज्य की आगामी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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