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ट्रांसजेंडर बिल 2026 पर विवाद: विपक्ष और कार्यकर्ताओं ने वापसी की मांग उठाई

नई दिल्ली: ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को विपक्षी सांसदों और ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस विधेयक को वापस लेने की मांग की, यह कहते हुए कि प्रस्तावित बदलाव समुदाय के अधिकारों को कमजोर कर सकते हैं।

यह मांग दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित जन सुनवाई (पब्लिक डिस्कशन) के दौरान उठाई गई, जहां कई प्रतिभागियों ने बिल के संभावित प्रभावों पर चिंता जताई।

लोकसभा में पेश हुआ था विधेयक

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेन्द्र कुमार ने इस विधेयक को 13 मार्च को लोकसभा में पेश किया था। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य “ट्रांसजेंडर” की स्पष्ट परिभाषा तय करना और अपराधों के लिए उनकी गंभीरता के अनुसार दंड निर्धारित करना है।

परिभाषा और पहचान पर विवाद

हालांकि, विधेयक में दी गई नई परिभाषा को लेकर सबसे ज्यादा आपत्ति जताई जा रही है। प्रस्ताव में कहा गया है कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति की श्रेणी में “विभिन्न यौन अभिविन्यास और स्वयं की पहचान (self-perceived identity)” वाले लोगों को शामिल नहीं किया जाएगा।

आलोचकों का कहना है कि यह प्रावधान ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के आत्म-पहचान के अधिकार को खत्म करता है, जो अब तक उनके अधिकारों का मूल आधार रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से टकराव का आरोप

कार्यकर्ताओं और कई सांसदों ने कहा कि यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक NALSA बनाम भारत संघ (2014) फैसले की भावना के खिलाफ है। उस निर्णय में अदालत ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करने का अधिकार दिया था।

मेडिकल बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल

प्रस्तावित संशोधनों में ट्रांसजेंडर पहचान तय करने के लिए मेडिकल बोर्ड की भूमिका भी शामिल की गई है। इस पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई है। आलोचकों का कहना है कि इससे प्रक्रिया जटिल और भेदभावपूर्ण हो सकती है।

व्यापक विरोध

देशभर के कई राजनीतिक दलों के सांसदों और सामाजिक संगठनों ने इस विधेयक का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह संशोधन ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों को मजबूत करने के बजाय उन्हें सीमित करने की दिशा में कदम है।

जन सुनवाई में शामिल लोगों ने सरकार से मांग की कि वह इस विधेयक को वापस ले और समुदाय के साथ व्यापक परामर्श के बाद ही कोई नया प्रस्ताव लाए।

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