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LPG संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला: सरकारी दफ्तरों में PNG अपनाने पर जोर, CGD प्रोजेक्ट्स तेज करने के निर्देश

नई दिल्ली/मुंबई: वेस्ट एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण LPG आपूर्ति पर दबाव बढ़ने के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि वे अपने विभागों, कैंटीन और पैंट्री में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की संभावित मांग का आकलन करें और इसके उपयोग को बढ़ावा दें।

सरकार ने सरकारी संस्थानों, रिहायशी कॉलोनियों और कैंटीनों से LPG के बजाय PNG अपनाने की अपील की है। इसके साथ ही सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को नेटवर्क विस्तार के लिए सहयोग दिया जा रहा है, ताकि लंबे समय में आयातित LPG पर निर्भरता कम की जा सके।

CGD परियोजनाओं को तेज करने के निर्देश

पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) ने अपने सभी कार्यालयों को निर्देश दिया है कि CGD से जुड़ी सभी आवेदनों का निपटारा 10 दिनों के भीतर किया जाए। इसका उद्देश्य PNG कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज करना और गैस वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाना है।

सरकार का मानना है कि PNG, LPG का एक स्थिर और सुरक्षित विकल्प है, जो आपूर्ति संकट को कम करने में मदद करेगा।

महाराष्ट्र में कमर्शियल LPG कोटा बढ़ा

इसी बीच महाराष्ट्र में कमर्शियल LPG की आपूर्ति बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र के निर्देश पर गैस आवंटन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे कुल आपूर्ति अब प्री-क्राइसिस स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ ने बताया कि अतिरिक्त गैस आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और डेयरी सेक्टर को दिया जाएगा।

इसके अलावा, सरकारी सब्सिडी वाली कैंटीन, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए चल रही योजनाएं भी इस बढ़ी हुई आपूर्ति के दायरे में आएंगी।

व्यवसायों को PNG अपनाने की सलाह

सरकार ने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को सलाह दी है कि वे तेल विपणन कंपनियों के साथ पंजीकरण कराकर PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करें, ताकि भविष्य में गैस आपूर्ति बाधित न हो।

केरोसीन वितरण में भी राहत

सरकार ने केरोसीन वितरण व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं। लंबित लाइसेंस स्वतः नवीनीकृत माने जाएंगे और बिना किसी शुल्क के ट्रांसफर किए जा सकेंगे। जिन गांवों में अधिकृत केरोसीन डीलर नहीं हैं, वहां उचित मूल्य की दुकानों (FPS) को लाइसेंस दिया जाएगा।

संकट से निपटने की रणनीति

विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्र सरकार का यह कदम LPG संकट से निपटने के साथ-साथ ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीति है। इससे न केवल आपूर्ति दबाव कम होगा, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।

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