
भारत में वित्तीय वर्ष 2026–27 की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से कई बड़े आर्थिक और प्रशासनिक बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का असर आम नागरिकों की आय, टैक्स, बैंकिंग, रेलवे यात्रा और दैनिक खर्चों तक पर पड़ेगा।
आयकर कानून में ऐतिहासिक बदलाव
इस वर्ष का सबसे बड़ा बदलाव 1961 के आयकर कानून की जगह नए आयकर अधिनियम 2025 का लागू होना है। लगभग 60 साल पुराने कानून को हटाकर अब एक सरल और आधुनिक ढांचा लागू किया गया है।
नए कानून में सेक्शन की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है, जबकि अध्याय 47 से घटकर 23 रह गए हैं। टैक्स नियमों और फॉर्म की संख्या में भी भारी कटौती की गई है, जिससे करदाताओं के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
हालांकि, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी करदाताओं को दरों में राहत नहीं मिलेगी।
सैलरी, PF और लेबर कानून में बदलाव
नई वेतन संरचना के तहत अब कर्मचारियों के कुल वेतन का कम से कम 50% हिस्सा बेसिक सैलरी होगा। इससे पीएफ (Provident Fund) में योगदान बढ़ेगा और कर्मचारियों की हाथ में आने वाली सैलरी कम हो सकती है।
इसके बावजूद कर्मचारियों को कुछ फायदे भी मिलेंगे:
- ग्रेच्युटी (Gratuity) की राशि बढ़ेगी
- छुट्टी के लिए पात्रता 240 दिनों से घटाकर 180 दिन कर दी गई है
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम और नई पेंशन योजना के बीच स्विच करने का एक बार मौका भी दिया गया है।
कॉरपोरेट सुविधाओं पर टैक्स में बदलाव
कंपनी द्वारा दिए जाने वाले लाभ (Perquisites) पर टैक्स नियमों में बदलाव किया गया है।
- कंपनी कार पर टैक्स अब काफी बढ़ गया है
- बड़े वाहनों और ड्राइवर सुविधा पर अतिरिक्त टैक्स लगेगा
वहीं कुछ सुविधाओं में राहत भी दी गई है:
- मील वाउचर की टैक्स-फ्री सीमा 50 से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील
- गिफ्ट वाउचर सीमा 5,000 से बढ़ाकर 15,000 रुपये
- ब्याज मुक्त लोन की सीमा 20,000 से बढ़ाकर 2 लाख रुपये
HRA नियमों में राहत और सख्ती
अब अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे को भी 50% HRA छूट वाले शहरों में शामिल किया गया है।
हालांकि, HRA क्लेम करने के लिए अब मकान मालिक का PAN और किराए का प्रमाण देना अनिवार्य होगा।
PAN और KYC नियमों में बड़े बदलाव
- PAN अब आधार डेटा के अनुसार ही जारी होगा
- जन्मतिथि के लिए नए दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं
लेन-देन के लिए PAN सीमा बढ़ाई गई है:
- प्रॉपर्टी: 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख
- होटल/रेस्तरां भुगतान: 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख
- वाहन खरीद: 5 लाख से अधिक पर ही PAN जरूरी
बैंकिंग लेन-देन में 10 लाख से अधिक पर PAN अनिवार्य होगा, जबकि 20 लाख से ऊपर अतिरिक्त जांच होगी।
बीमा पॉलिसी के लिए अब हर मामले में PAN देना जरूरी होगा।
नए टैक्स फॉर्म लागू
पुराने टैक्स फॉर्म के नाम बदले गए हैं:
- Form 16 → Form 130
- Form 16A → Form 131
- Form 26AS → Form 168
साथ ही ITR भरने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।
बैंकिंग और ATM नियमों में बदलाव
- HDFC बैंक: 5 फ्री ट्रांजैक्शन के बाद ATM UPI निकासी पर 23 रुपये शुल्क
- PNB: डेबिट कार्ड निकासी सीमा घटाई गई
- बंधन बैंक: सीमित फ्री ट्रांजैक्शन, अतिरिक्त पर शुल्क
रेलवे, FASTag और LPG में बदलाव
रेलवे ने टिकट रद्द करने के नियम सख्त किए हैं:
- 8 घंटे के भीतर कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं
- 8–24 घंटे: 50% रिफंड
- 24–72 घंटे: 25% कटौती
NHAI ने FASTag पास की कीमत 3,000 से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी है।
इसके अलावा LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
क्या है इसका असर?
इन सभी बदलावों का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और डिजिटल प्रक्रिया को मजबूत करना है। हालांकि, कुछ नियम आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव भी डाल सकते हैं, खासकर सैलरी और टैक्स से जुड़े बदलाव।
नए वित्तीय वर्ष के साथ यह व्यापक बदलाव भारत की आर्थिक व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।