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Union Budget 2026 के बाद डेटा सेंटर निवेश $200 बिलियन तक पहुंच सकता है: Ashwini Vaishnaw

Union Budget 2026 में डेटा सेंटरों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे की घोषणा के बाद भारत के डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, वर्तमान में चल रहे लगभग $70 बिलियन के निवेश के मुकाबले यह आंकड़ा बढ़कर $200 बिलियन तक पहुंच सकता है।

बजट पेश होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने कहा कि इस घोषणा के बाद एआई डेटा सेंटरों सहित पूरे डेटा सेंटर इकोसिस्टम में बड़े निवेश की संभावनाएं बन गई हैं।


2047 तक टैक्स हॉलिडे: बड़ा प्रोत्साहन

वैष्णव ने कहा कि डेटा सेंटर, विशेषकर एआई डेटा सेंटरों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा। उनके मुताबिक, यह कदम भारत को दुनिया के शीर्ष तीन एआई देशों में शामिल होने की दिशा में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि एआई अर्थव्यवस्था और “पांचवीं औद्योगिक क्रांति” के दौर में देश के भीतर मजबूत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर होना जरूरी है, ताकि उद्योगों को आसानी से इसकी पहुंच मिल सके।


एआई सर्वर और चिप निर्माण में भी रुचि

मंत्री ने बताया कि एआई सर्वर निर्माताओं और चिप सेक्टर की कंपनियों की भारत में निवेश को लेकर रुचि बढ़ रही है। साथ ही, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग PLI योजना के अगले चरण को लेकर उद्योग जगत के साथ बातचीत चल रही है।


भारत की जनसांख्यिकीय ताकत का जिक्र

वैष्णव ने कहा कि भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्रतिभा पूल है। यदि इस प्रतिभा को देश में ही मजबूत डिजिटल और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाए, तो इसका सही उपयोग हो सकेगा।


एआई आधारित विकास रणनीति

मंत्री के अनुसार, बजट में की गई घोषणाएं इस बात का संकेत हैं कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभा और उद्योग निवेश को एआई आधारित विकास रणनीति के अनुरूप जोड़ना चाहती है। डेटा सेंटर, एआई सर्वर और चिप निर्माण जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।

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