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बिहार के बच्चों में बढ़ रहा है वायरल फीवर का प्रकोप, सर्दी, खांसी और तेज बुखार की मिल रही शिकायत, शिशु वार्ड फुल

जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को मायागंज अस्पताल के ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे कुल बीमार बच्चों में से 50 प्रतिशत से ज्यादा वायरल के मरीज निकले। हालांकि ओपीडी से एक भी वायरल फीवर का मरीज इलाज के लिए इंडोर नहीं भेजा गया, लेकिन मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी स्थित शिशु वार्ड में शुक्रवार को 14 मरीज इलाज के लिए भर्ती किये गये। इनमें से छह मरीज वायरल फीवर की गिरफ्त में पाये गये।

शिशु रोग ओपीडी में 74 बीमार बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से 43 बच्चे वायरल फीवर के थे। इन बच्चों में सर्दी, खांसी व तेज बुखार था। हालांकि ओपीडी में बैठे चिकित्सकों ने इन बच्चों को भर्ती करने की सलाह देने के बजाय कुछ दवा देकर घर भेज दिया। मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी स्थित शिशु वार्ड के 10 बेड सुबह 10 बजे तक पूरी तरह से फुल थे, लेकिन यहां के बच्चों को जब पीजी शिशु रोग विभाग के इंडोर में शिफ्ट किया गया तो वार्ड खाली हो गया। लेकिन शुक्रवार की शाम पांच बजे तक यहां पर 14 नये मरीज भर्ती हो गये थे।

एसएनसीयू लेकर शिशु वार्ड का हरेक बेड फुल

बीमार बच्चों की बढ़ती तादात अस्पताल के सिस्टम को पंगु बनाने की ओर बढ़ने लगी है। शुक्रवार को पीजी शिशु रोग विभाग में 60 बेड के सामान्य वार्ड में 53 मरीज भर्ती थे। 12 व 24 बेड के दोनों एसएनसीयू के हरेक बेड पूरी तरह से फुल थे। सामान्य वार्ड में सात बीमार बच्चे ऐसे थे, जिन्हें कि एसएनसीयू की जरूरत थी, लेकिन बेड न होने के कारण सामान्य वार्ड में भर्ती होकर एसएनसीयू में बेड के लिए इंतजार कर रहे थे। जबकि एमसीएच में 10 तो शिशु विभाग के इंडोर में बने 20 बेड के पीकू में एक मरीज इलाजरत था। वहीं इमरजेंसी स्थित 10 बेड के शिशु वार्ड में 14 मरीज भर्ती थे।

मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास ने कहा, ‘अभी मौसम में उतार-चढ़ाव व बदलाव का दौर चल रहा है। ऐसे में एलर्जी, वायरल फीवर व डेंगू के बीमार बढ़ेंगे। अस्पताल में जो भी संसाधन मौजूद है, उसका इस्तेमाल बीमार बच्चों के लिए किया जा रहा है। यहां इलाज के लिए आने वाले किसी भी बीमार बच्चे को कोई परेशानी नहीं आने दी जायेगी।’

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