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चुनाव हारने के बावजूद बंशीलाल की सरकार में मंत्री बने थे सीताराम सिंगला

हरियाणा में नरेंद्र मोदी- के साथ भाजपा को खड़ा कर सीताराम सिंगला बड़े जननायक के तौर पर उभरे थे। उन्होंने विधानसभा का चुनाव 1987 में जीतकर भाजपा की प्रदेश में धाक जमाई, जिसके बाद चौधरी देवीलाल की सरकार में औद्योगिक मंत्री बने।

उनके बड़े कद का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि 1996 में भाजपा और हरियाणा विकास पार्टी की गठबंधन सरकार बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस समय चुनाव हारने के बावजूद बंशीलाल की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।

सेक्टर-15 निवासी सीताराम सिंगला हरियाणा में पार्टी के संस्थापकों में से एक थे। नरेंद्र मोदी, सीताराम सिंगला और मनोहर लाल की तिकड़ी ने भाजपा को हरियाणा में खड़ा किया। जिनकी कड़ी मेहनत का परिणाम अब प्रदेश में भाजपा को मिल रहा है। आरएसएस में प्रचारक रहे सीताराम ने 1982 में राजनीति में कदम रखा। हालांकि पहले चुनाव में उन्हें गुरुग्राम विधानसभा से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन 1987 में पहली बार विधायक चुने गए। 74 वर्ष की उम्र में 1 जनवरी 2019 को उनका निधन हो गया।

दूरदर्शी थे सीताराम सिंगला : राजनीति में सीताराम सिंगला काफी दूरदर्शी थे। कुछ माह पूर्व ही उनका निधन हुआ है। 2014 में विधानसभा चुनावों से पहले सीताराम सिगंला ने कहा था कि भाजपा इस बार खुद के दम पर प्रदेश में सरकार बनाएगी। क्योंकि मतदाताओं को समझ में आ गया है कि क्षेत्रीय पार्टियां उनकी समस्याओं को दूर नहीं कर सकतीं। जबकि कांग्रेस उनकी समस्याओं को दूर करने में नाकाम रही।

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