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एक्शन में योगी सरकार: BSA से जवाब तलब, वाणिज्य कर के 4 अफसर सस्पेंड, विजिलेंस ने SSP के खिलाफ केस की मांगी इजाजत

नोएडा की एक फर्म द्वारा 127 करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले में मिलीभगत के आरोप में वाणिज्य कर विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इससे विभाग को करोड़ों रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है।

 मामला जनवरी-2020 का है। शासन को शिकायत मिली थी कि नोएडा स्थित तंबाकू की एक कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर कर चोरी की गई है। शासन के निर्देश पर नोएडा के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर सीबी सिंह को जांच सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में फर्म द्वारा की गई कर चोरी के मामले में इन चारों अधिकारियों की मिलीभगत की बात कही गई।

एडी को परिनिंदा, दो बीएसए से जवाब-तलब

भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) विद्या किशोर को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया। रामपुर में क्षेत्राधिकारी (सीओ) के पद पर तैनाती के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। वर्तमान में वह पीटीसी सीतापुर में डीएसपी के पद पर तैनात हैं।

रामपुर में सीओ नगर के पद पर तैनाती के दौरान विद्या किशोर का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उनके द्वारा कथित तौर पर पांच लाख रुपये रिश्वत मांगे जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद उन्हें 28 अक्तूबर को हटा दिया गया था।

एसएसपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर 2020 में प्रयागराज के तत्कालीन एसएसपी अभिषेक दीक्षित को निलंबित करते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों समेत आय से अधिक संपत्ति की भी जांच करने के निर्देश दिए थे। विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में उन्हें विभागीय अनियमितता बरतने का दोषी ठहराया था। विजिलेंस जांच में उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का ठीक ढंग से अनुपालन नहीं कराने का दोषी पाया था। इसके अलावा वह प्रशासनिक आधार पर स्थानान्तरित किए गए स्टेनो को बैकडेट में छुट्टी देने के भी दोषी पाए गए थे। उनके कार्यकाल में थानेदारों की तैनाती में भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आई थीं।

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