
नई दिल्ली: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार (27 मार्च 2026) को नई टीवी रेटिंग पॉलिसी (TRP-2026) जारी कर दी है। यह नई नीति 16 जनवरी 2014 से लागू पुराने दिशानिर्देशों की जगह लेगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य टीवी दर्शक माप प्रणाली में पारदर्शिता, सटीकता और जवाबदेही को मजबूत करना है।
रेटिंग एजेंसियों के लिए एंट्री आसान
नई नीति के तहत टीवी रेटिंग एजेंसी बनने के लिए नेटवर्थ की अनिवार्यता को 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे इस क्षेत्र में नई कंपनियों के प्रवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर जोर
नीति में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी रेटिंग एजेंसी के बोर्ड में कम से कम 50% स्वतंत्र निदेशक होने चाहिए, जिनका प्रसारकों, विज्ञापनदाताओं या विज्ञापन एजेंसियों से कोई संबंध न हो।
साथ ही, एजेंसियों को किसी भी तरह की कंसल्टेंसी सेवाएं देने से रोका गया है, ताकि हितों का टकराव न हो।
सैंपल साइज में बड़ा विस्तार
दर्शक डेटा की सटीकता बढ़ाने के लिए एजेंसियों को अपने नेटवर्क का विस्तार करना होगा:
- 18 महीनों में 80,000 मीटर्ड घर
- आगे चलकर 1.2 लाख (1,20,000) घरों तक विस्तार
मौजूदा एजेंसियों को यह लक्ष्य छह महीने में पूरा करना होगा।
सभी प्लेटफॉर्म से डेटा अनिवार्य
नई नीति के तहत डेटा कलेक्शन अब केबल, DTH, OTT और कनेक्टेड टीवी—सभी प्लेटफॉर्म से किया जाएगा।
सरकार ने “टेक्नोलॉजी-न्यूट्रल” सिस्टम पर जोर दिया है, जिससे हर तरह की स्क्रीन पर देखे जाने वाले कंटेंट का डेटा शामिल हो सके।
ऑडिट सिस्टम हुआ सख्त
TRP-2026 में डुअल ऑडिट सिस्टम लागू किया गया है:
- तिमाही (Quarterly) आंतरिक ऑडिट
- वार्षिक (Annual) बाहरी स्वतंत्र ऑडिट
इसके अलावा मंत्रालय एक Audit & Oversight Team भी बनाएगा, जो समय-समय पर फील्ड निरीक्षण करेगी।
पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा
रेटिंग एजेंसियों को अपनी कार्यप्रणाली (Methodology) और अनाम (Anonymised) डेटा अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करना होगा।
साथ ही, सभी गतिविधियों को डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के अनुरूप करना अनिवार्य होगा, ताकि दर्शकों की गोपनीयता सुरक्षित रहे।
शिकायत निवारण व्यवस्था
हर एजेंसी को:
- एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा
- 10 दिनों के भीतर शिकायतों का समाधान करना होगा
- अपील के लिए अलग प्राधिकरण बनाना होगा
‘लैंडिंग पेज’ व्यूअरशिप पर रोक
नीति में स्पष्ट किया गया है कि “लैंडिंग पेज” से आने वाली व्यूअरशिप को रेटिंग में शामिल नहीं किया जाएगा। इसे केवल मार्केटिंग टूल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
नियमों का पालन न करने पर ग्रेडेड पेनल्टी लागू होगी, जिसमें:
- रेटिंग का अस्थायी निलंबन
- बार-बार उल्लंघन पर पंजीकरण रद्द करना शामिल है
OTT और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म को राहत
नई नीति के तहत टीवी डिस्ट्रीब्यूशन और OTT प्लेटफॉर्म को अपने प्लेटफॉर्म पर चल रहे चैनलों की व्यूअरशिप डेटा प्रकाशित करने की अनुमति दी गई है, जिसके लिए अलग से पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी।
सरकार का मानना है कि TRP-2026 नीति से टीवी इंडस्ट्री में भरोसा बढ़ेगा और दर्शकों के व्यवहार का अधिक सटीक आकलन संभव हो सकेगा।