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अफगानिस्तान: दो और शक्तिशाली झटकों से दहशत, भूकंप से 2,200 की मौत

अफगानिस्तान में लगातार आ रहे भूकंपों ने तबाही मचा दी है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, शुक्रवार (5 सितंबर 2025) को दक्षिण-पूर्वी इलाके में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। यह झटका 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर दर्ज किया गया। इससे पहले गुरुवार देर रात (4 सितंबर 2025) भी एक भूकंप आया था।

सिर्फ चार दिनों में आए इन भूकंपों और झटकों में करीब 2,200 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,600 से अधिक लोग घायल हुए हैं। तालिबान प्रशासन ने गुरुवार तक 2,205 मौतों और 3,640 घायलों की पुष्टि की।

सप्ताह का पहला भूकंप रविवार (31 अगस्त 2025) को आधी रात से कुछ पहले आया था। 6.0 तीव्रता का यह झटका अफगानिस्तान के सबसे घातक भूकंपों में से एक साबित हुआ। यह नंगरहार और कुनार प्रांतों में उथली गहराई (10 किमी) पर आया, जिसने गाँवों को तहस-नहस कर दिया।

मंगलवार (2 सितंबर 2025) को आए 5.5 तीव्रता के भूकंप ने बचाव कार्यों को बाधित कर दिया। इससे पहाड़ों से चट्टानें खिसक गईं और दूरदराज के गाँवों से संपर्क कट गया।

लगातार झटकों से लोग खौफ में हैं। नंगरहार प्रांत के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नक़ीबुल्लाह रहीमी ने बताया कि गुरुवार के भूकंप का केंद्र पाकिस्तान सीमा से लगे शीवा जिले में था। प्रारंभिक रिपोर्टों में कुछ नुकसान की पुष्टि हुई है।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि लगातार झटकों से नंगरहार प्रांत प्रभावित रहा और नुकसान का आकलन जारी है। जिन इलाकों में घर सूखी दीवारों, पत्थर और लकड़ी से बने हैं, वहाँ लोग डर के कारण खुले में रहने को मजबूर हैं।

पिछले दिनों आए भूकंपों ने 6,700 से अधिक घरों को ध्वस्त कर दिया। राहतकर्मियों ने गुरुवार को भी मलबे से शव निकाले। संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, दवाइयों और आश्रय की भारी कमी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला में भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की टकराहट के कारण इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते हैं।

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