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15 आइपीएस अधिकारियों के तबादले, आगरा और इलाहाबाद रेंज के आइजी हटाए गए

लखनऊ । आगरा में एएसपी यातायात सुनीता सिंह के इस्तीफे की पेशकश के बाद शासन स्तर पर हड़कंप मचा है। पुलिस अधिकारियों के बीच खींचतान के मामले को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। तबादलों में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं व पुलिस अधिकारियों के बीच बिगड़ते सामंजस्य को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी का असर भी साफ देखने को मिला।

शासन ने गुरुवार रात आगरा व इलाहाबाद रेंज के आइजी सहित 15 आइपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। सात पीपीएस अधिकारियों का भी ट्रांसफर किया गया है, जिनमें एएसपी सुनीता सिंह भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि आगरा में आइजी राजा श्रीवास्तव व एएसपी सुनीता सिंह के बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव व टकराव बढ़ा था, जिसके बाद दोनों को हटा दिया गया। हालांकि अधिकारी इसे लेकर कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि एएसपी का इस्तीफा अभी डीजीपी मुख्यालय को नहीं मिला है। इस्तीफा मिलने पर उसे आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाएगा। बढ़ते अपराध को लेकर एसपी सुलतानपुर, गाजीपुर व अमेठी में भी परिवर्तन हुआ है। दूसरी ओर तबादलों में महत्वपूर्ण बात यह भी है कि रेंज में डीआइजी की पोस्टिंग भी शुरू कर दी गई है। 2013 व 2014 बैच के आइपीएस अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां सौपी गई हैं। माना जा रहा है कि जल्द कुछ अन्य जिलों में भी बड़े बदलाव किए जाएंगे।

नाम – वर्तमान तैनाती – नवीन तैनाती 

पीपीएस बदले

नाम – वर्तमान तैनाती – नवीन तैनाती 

  • त्रिगुण विशेन – प्रतीक्षारत – एएसपी पश्चिम, हरदोई।
  • निधि सोनकर – एएसपी पश्चिम हरदोई – एएसपी सतर्कता अधिष्ठान।
  • सुनीता सिंह – एएसपी यातायात आगरा – एएसपी सीबीसीआइडी मुख्यालय।
  • तेज स्वरूप सिंह – एएसपी प्रोटोकाल, आगरा – उप सेनानायक 42वीं वाहिनी पीएसी, इलाहाबाद।
  • प्रशांत कुमार प्रसाद – सेक्टर आफिसर, सीबीसीआइडी सेक्टर मेरठ – एएसपी यातायात, आगरा।
  • असीम चौधरी – एएसपी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, मुरादाबाद – उप सेनानायक 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर।
  • महेंद्र पाल सिंह – उप सेनानायक 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर – एएसपी प्रोटोकाल, आगरा।

 24 घंटे में एसपी ट्रैफिक ने वापस लिया इस्तीफा

एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह के इस्तीफा देने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। लखनऊ तक मामला पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर एडीजी ने अधिकारियों के साथ बैठक की। दिनभर चली मनाने की कसरत के बाद गुरुवार शाम को एसपी ट्रैफिक ने 24 घंटे बाद इस्तीफा वापस ले लिया। इस्तीफा देने के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। 1991 बैच की पीपीएस अधिकारी सुनीता सिंह ने बुधवार शाम को आइजी को बंद लिफाफे में अपना इस्तीफा भेजा था। इसमें दबाववश स्वेच्छा से इस्तीफा देने की बात लिखी थी और यह भी लिखा था कि वे आइपीएस अधिकारी नहीं हैं, इसलिए इस्तीफा दे रही हैं। इस्तीफा देने के बाद एसपी ट्रैफिक आठ अगस्त तक की मेडिकल लीव पर चली गईं। सूत्रों का कहना था कि उन्होंने यह कदम एक अधिकारी से तकरार के बाद उठाया था। उनके इस कदम से महकमे में खलबली मच गई। इस्तीफे की खबर लखनऊ तक पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगे जाने लगे। एडीजी अजय आनंद ने आइजी राजा श्रीवास्तव और एसएसपी अमित पाठक को अपने ऑफिस बुला लिया। करीब आधा घंटे तक बंद कमरे में बैठक चली। सूत्रों का कहना है कि इसमें एसपी ट्रैफिक के इस्तीफा देने के कारणों के बारे में चर्चा हुई। मगर, कोई अधिकारी यह नहीं स्पष्ट कर पा रहे थे कि आखिर उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया? शाम तक इस मामले में पशोपेश बनी रही। शाम साढ़े पांच बजे अचानक एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह अपने दफ्तर पहुंचीं। वहां कुछ देर बैठने के बाद वे एडीजी के कैंप कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एडीजी को इस्तीफा वापसी को पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने भावावेश में आकर आइजी को इस्तीफा भेजने की बात लिखी है। इसमें भी उन्होंने इस्तीफा देने के कारण स्पष्ट नहीं किए। एडीजी अजय आनंद ने बताया कि एसपी ट्रैफिक ने इस्तीफा दिया था। वह वापस ले लिया है। अभी उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। स्वास्थ्य ठीक होने के बाद ज्वाइन करेंगी।

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