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स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को रखा दर्शनार्थ, कोर्इ नहीं पहुंचा दर्शन को

ऋषिकेश। गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर देह त्याग करने वाले स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद के अंतिम दर्शन के लिए इस रविवार भी कोई अनुयायी नहीं पहुंचा। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में स्वामी सानंद की पार्थिव देह के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है।

एम्स ऋषिकेश में पिछले तीन रविवार से स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर के दर्शनों की व्यवस्था की जा रही है, जो अगले सात रविवार और रहेगी। तीसरे रविवार को कोई भी अनुयायी दर्शन के लिए लिए नहीं पहुंचा। एम्स के मानव शरीर संरचना विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि निर्धारित समय अवधि के बीच कोई भी उनके अंतिम दर्शन के लिए यहां नहीं पहुंचा। अगले सात रविवार दर्शन की व्यवस्था नियमित रखी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के स्तर से दी गई व्यवस्था के तहत एक बार में अधिकतम दस और एक दिन में अधिकतम 50 अनुयायी ही दर्शन कर सकते हैं। सानंद ने देह त्यागने से पहले एम्स को अपनी शरीर दान कर दिया था। 11 अक्टूबर को उनके निधन के बाद से सानंद का पार्थिव शरीर एम्स के पास सुरक्षित है।

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