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यूपी ATS ने सहारनपुर से दबोचे 2 आतंकी, जैश के इशारे पर करते थे भर्ती

इनके पास से हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। दोनों 30 से 32 साल के हैं। इसमें शाहनवाज ग्रेनेड बनान का एक्सपर्ट बताया गया। डीजीपी ने कहा कि हम इसकी जांच कर रहे हैं कि यह दोनों कश्मीर से कब आए, इनको पैसे कहां से मिले और इनका लक्ष्य क्या था। इसके लिए हम जम्मू कश्मीर की पुलिस से बात कर रहे हैं।

दोनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के इशारे पर आतंकियों की भर्ती कराते थे। शाहनवाज लंबे समय से देवबंद में बिना एडमिशन के पढ़ाई कर रहा था। लेकिन इसका नाम मदरसे के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।
पश्चिमी यूपी में एटीएस का बड़ा ऑपरेशन जारी है। इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए इन पर नजर रखी गई। इसके बाद इनपर शिकंजा कसा गया। एटीएस की टीम ने गुरुवार देर रात देवबंद के मोहल्ला खानकाह के निकट नाज मंजिल में छापेमारी की। यहां से दुकानदार समेत दो कश्मीरी छात्र और पांच ओडिशा के छात्रों को हिरासत में लिया था।आरोपी शाहनवाज की निशानदेही पर देवबंद सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ समेत कई जनपदों में एटीएस ने छापेमारी शुरू कर दी है। कई संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। इन सभी से पूछताछ जारी है।

इनमें ओडिशा के छात्र भी हिरासत में लिए गए हैं। डीजीपी ने बताया कि हम पता लगा रहे हैं कि इनकी टेरर फंडिंग के पीछे कौन हैं? आकिब अहमद मलिक को देवबंद में बिना एडमीशन के मलिक पढ़ाई कर रहा था। इसके अलावा एक दुकानदार सहित 10 छात्रों को हिरासत में लिया गया है। पकड़े गए 10 छात्रों में से 2 कश्मीर समेत 5 उड़ीसा और अन्य अलग अलग जगहों से हैं।
डीजीपी ने यह भी बताया कि दोनो से पूछताछ हो रही है। कुछ और अहम जानकारियां हमे मिलेगी तो उसे मीडिया से सांझा करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले से इनका लिंक है या नही यह कहना अभी मुश्किल है। हम पूछताछ के बाद ही ये क्लियर कर पाएंगे।
आतंकी ने यहां से आधार कार्ड भी बनवा लिया था, इसमें उसका नाम नवाज अहमद तेली था। वहीं, उसके साथ में पढ़ने वाले छात्र ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि वो ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है।
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