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चरणजीत चन्नी के बयान और प्रियंका की हंसी पर फंसी पार्टी, भइये फैक्टर से कांग्रेस को झटका?

विधानसभा चुनाव में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बयान ने वोटिंग से ठीक पहले रुख ही बदल दिया है। उनका यह बयान की यूपी, बिहार और दिल्ली के भइये में पंजाब में राज करना चाहते हैं और उन्हें घुसने नहीं देना है, पर विवाद छिड़ गया है। यही नहीं इस दौरान प्रियंका गांधी की हंसी पर कांग्रेस फंसी दिख रही है।

सीएम चन्नी ने कहा था, ‘पंजाबियों की बहू है प्रियंका गांधी। यह पंजाबन है। इसलिए एक तरफ हो जाओ पंजाबियों… यूपी, बिहार और दिल्ली के भइये आके यहां राज करना चाहते हैं। हमें उन्हें घुसने नहीं देना है।’ पंजाब की सियासत को समझने वाले लोगों को कहना है कि चन्नी ने पीएम नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं को लेकर यह तंज कसा है। इसके साथ ही यूपी और बिहार के प्रवासियों की ओर से संकेत कर पंजाबी कार्ड खेलने का प्रयास किया है ताकि क्षेत्रवाद के नाम पर ध्रुवीकरण हो सके।

अरविंद केजरीवाल फैक्टर के चलते प्रवासी लोगों में भी आप का क्रेज देखने को मिल रहा है। ऐसे में कांग्रेस चाहती है कि वह पंजाबियत के नाम पर ध्रुवीकरण कर ले। इसके अलावा भाजपा भी लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और पठानकोट जैसे शहरी इलाकों में प्रभावी है।

सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बयान का यदि असर दिखता है तो भाजपा को भी फायदा मिलेगा। लेकिन इससे आम आदमी पार्टी को घाटा हो सकता है। इसी में कांग्रेस अपना फायदा भी देख रही है। हालांकि यह रणनीति उसकी कामयाबी होती नहीं दिखती है। इसकी एक वजह यह है कि जाट सिख को उतारकर आप ने गांवों तक में पैठ बना ली है। ऐसे में कांग्रेस को शायद पंजाब के ग्रामीण इलाकों में शायद फायदा न मिले, लेकिन शहरों में उसके खिलाफ ध्रुवीकरण जरूर हो सकता है। ऐसे में यह देखना होगा कि पंजाबियत का कार्ड उसका कितना फायदा कराता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में जरूर उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसकी वजह मौके पर प्रियंका गांधी की मौजूदगी और उनकी हंसी है।

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