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उत्तरप्रदेश : 20 साल बाद भी हो सकेगी डॉन मुख्तार के शव की जांच –

मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सांसद अफजाल अंसारी ने दावा किया है कि मुख्तार के शव को खास तरीके से दफनाया गया है। इस कारण 20 साल बाद भी जरूरत पड़ने पर शव के नाखून, बाल की जांच हो सकती है और मौत के कारणों का पता चल सकता है। हालांकि उन्होंने इस खास तकनीकी के बारे में कुछ नहीं बताया। मुख्तार की मौत हार्ट अटैक से हुई है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण खोजने के लिए शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंगों मस्तिष्क, ह्दय, लीवर, गुर्दा, फेफड़े, आंत की बारीकी से जांच की गई थी। इसकी वीडियोग्राफी भी की गई। एक-एक अंग की कई प्रकार से जांच की गई। पेट से निकली खाने की सामग्री से भी विसरा एकत्र किया गया। इधर, पोस्टमार्टम होने के पहले ही अंसारी परिवार ने शव दफनाने के लिए अपने पुश्तैनी कब्रिस्तान को चुना। उसकी देखरेख मुजावर अफरोज अंसारी करते हैं। मुख्तार अंसारी के शरीर के हिसाब से कब्र की लंबाई 7.6 फीट और गहराई 5 फीट और चौड़ाई 5 फीट रखी गई, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर जांच में कोई दिक्कत न आए। यही नहीं, शव आने पर फ्रीजर आंगन में रखा था।

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