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हम विजेता बनने को नहीं, ज्ञान बांटने को लेकर थे विश्वगुरु-बिहार के नालंदा में बोले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

रविवार को उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि धर्म हमारे नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। हिंदुइज्म एवं बुद्धिज्म अलग नहीं हैं। दोनों को साथ में समझने की जरूरत है। उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण चीजों को समझ कर उसे आत्मसात करने की जरूरत है। धर्म को समझकर उसे अपने जीवन मे उतारें तो वह खुद आपको शांति की ओर लेकर जा सकता है। हम बुद्ध के रास्ते पर चलकर युद्ध को रोकना चाहते हैं। भारत विजेता बनने को नहीं, बल्कि ज्ञान बांटने को लेकर विश्वगुरु बना था।

छात्रों को वैश्विक समझ के स्तर तक पहुंचाए नालंदा विवि

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है, ऐसे में नालंदा विवि को चाहिए कि अपने छात्रों को वैश्विक समझ के स्तर तक पहुंचाए। ताकि यहां से निकलने वाले छात्र विश्व को नए विचार दे सकें। नालंदा विवि सिर्फ ज्ञान का नहीं बुद्धिमत्ता का भी स्थान बने।

हिंसा रोकने में कारगर हो सकता है बुद्ध का मध्य मार्ग

बुद्ध का मध्य मार्ग ही हिंसा को रोकने में मील का पत्थर साबित हो सकता है। ऐसे में इस बात पर सभी को विचार करना होगा कि अहिंसा, सद्भाव व प्रेम के रास्ते पर कैसे लौटा जाए। आज बुद्ध के मार्ग को सभी के बीच में पहुंचाने की जरूरत है। इस सम्मलेन की सार्थकता तभी होगी, जब आप सभी यहां से बाहर निकलकर विश्व को प्रेम व

अहिंसा का पाठ पढ़ा सकें। यह समाज व विश्व क्रोध मुक्त, ङ्क्षहसा मुक्त व भय मुक्त हो, इसके लिए बुद्ध के मार्ग पर चलने की जरूरत है।

हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली का प्रतिबिंब है नालंदा

उन्होंने  कहा कि नालंदा हमारी प्राचीन शैक्षणिक प्रणाली को प्रतिबिंबित करता है, जो प्राचीन भारत में छात्रों और शिक्षकों के रूप में लोगों को आकर्षित करता था। उन्होंने खुशी जाहिर की कि अंतरराष्ट्रीय विवि नालंदा व इंडिया फाउंडेशन ने कोविड संक्रमण के उपरांत विश्व व्यवस्था के निर्माण में धर्म-धम्म परंपराएं’ विषय पर सम्मेलन करके अच्छी पहल की है। धर्म कोई भी हो, रास्ते सभी के एक हैं। धर्मा व धम्मा एक ही शब्द है। संस्कृत व पाली के ये शब्द सिर्फ और सिर्फ प्रेम व करुणा की ही बात करते हैं।

आगे बढ़ने की प्रेरणा देती देश की संस्कृति व विरासत

उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश की संस्कृति व विरासत हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। मुझे खुशी है कि अलग-अलग देश के 100 छात्र अपने शोध पत्र जमा करेंगे। विवि को नए विचार, प्रयोग व दिशा-निर्देश देने की जरूरत है।

उपराष्ट्रपति, राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने लगाए पौधे

सुषमा स्वराज कन्वेंशन हाल में आने के पहले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने नालंदा विवि परिसर में अशोक का पौधा लगाया, फिर उसकी सिंचाई भी की। इस दौरान राज्यपाल फागू चौहान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी साथ थे। इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि विवि परिसर को हरा-भरा और पर्यवरण अनुकूल रहना ही चाहिए। यहां का नेट जीरो कैम्पस और इको फ्रेंडली सिस्टम अनुकरणीय है।

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