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सही साबित हुई पुलिस की ही थ्योरी, घर में ही छिपे थे कातिल, ललित वर्मा हत्याकांड

तीन फरवरी 2016 की रात नौ बजे के करीब सिविल लाइंस में बीएसएनएल ऑफिस के बगल स्थित गली में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। मामले में तत्कालीन विधायक पूजा पाल समेत सात लोगों को नामजद कराया गया था।

धूमनगंज के जयंतीपुर निवासी सर्राफ ललित वर्मा (26) की हत्या में आखिरकार पुलिस की ही थ्योरी सही साबित हुई। दरअसल बृहस्पतिवार को सीबीआई ने जिस विक्रम को हत्या में शामिल आरोपियों में से एक बताते हुए मामले का खुलासा किया, पुलिस उसे पहले ही जेल भेज चुकी थी। हत्या के छह दिनों बाद ही मामले का खुलासा करते हुए जिला पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

तीन फरवरी 2016 की रात नौ बजे के करीब सिविल लाइंस में बीएसएनएल ऑफिस के बगल स्थित गली में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। मामले में तत्कालीन विधायक पूजा पाल समेत सात लोगों को नामजद कराया गया था। पिता का आरोप था कि पूजा पाल व दिलीप पाल से उसकी जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश केचलते उसकी हत्या हुई। हत्या के छह दिन बाद ही पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया था। खास बात यह है कि बृहस्पतिवार को सीबीआई ने भी चचेरे भाइयों को ही गिरफ्तार करते हुए मामले का खुलासा किया।

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