
पटना सहित राज्य के निकायों में रविवार को भी सफाई नहीं हुई। लगातार दूसरे दिन रविवार को सफाई कर्मचारी यूनियन और विभाग के बीच हुई वार्ता विफल रही। इसके बाद सफाई मजदूरों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। रविवार को भी राजधानी की सड़कों पर कूड़ा पसरा रहा।
बिहार लोकल बॉडिज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह, महामंत्री अमृत प्रसाद एवं श्यामलाल प्रसाद ने कहा कि नगर निकाय के कर्मियों की 12 सूत्री लंबित मांगों पर प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति के साथ रविवार को हुई वार्ता में कोई हल नहीं निकल सका।
ऐसी स्थिति में बिहार के नगर निकायों में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा है कि बिहार के नगर निकायों में जारी हड़ताल का मुख्य मुद्दा ग्रुप डी के पदों को पुनर्जीवित करना, नगर निकायों के स्तर पर ग्रुप सी का नियंत्रण एवं अनुकंपा पर नियुक्ति को शीघ्र प्रारंभ करना आदि है।
इन प्रमुख मांगों पर जब तक सरकार फैसला नहीं करती है, तब तक इस हड़ताल को किसी भी परिस्थिति में स्थगित नहीं किया जा सकता है। वार्ता में अमृत प्रसाद, श्यामलाल प्रसाद, आरएन ठाकुर, शिव बच्चन शर्मा, ब्रह्मदेव महतो, मंगल पासवान एवं जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
इन मांगों पर फंसा है पेंच
वर्षों से कार्यरत दैनिक सफाई मजदूरों का नियमितीकरण
समान काम समान वेतन अथवा 18000 से लेकर 21000 रुपये तक माहवारी वेतन
आउटसोर्स में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं शोषण पर रोक की मांग
छह दिनों से फैला कचरा अब बीमारियों को दे रहा निमंत्रण
निगम के करीब छह हजार कर्मियों को हड़ताल पर गए छह दिन हो गए हैं। शहर के सभी बाजार कचरे से पट गए हैं। नगर निगम के पास कोई कारगर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से निगम के पदाधिकारी भी लाचार हो चुके हैं। आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मी जो कि ज्यादातर चालक हैं। उनपर कड़ाई कर सीमित संख्या में कचरा वाहन सड़क पर निकलवा तो रहे हैं लेकिन उससे कुछ लाभ नहीं मिल पा रहा है।
खास क्षेत्रों में कूड़ा उठ रहा लेकिन आम लोगों के क्षेत्रों में कचरे का अंबार मुख्य सड़कों पर भी लगा हुआ हैं। नूतन राजधानी अंचल में पड़ने वाले खास क्षेत्रों में किसी तरह वाहन निकालकर कचरा उठा रहे हैं लेकिन अन्य कॉलोनियां और मोहल्लों में निगम का वाहन नहीं दिखता हैं। ऐसे में शहर के 90 फीसदी क्षेत्र में गंदगी और कचरे का अंबार लगे होने से बीमारियों की संभावना बढ़ गई है। हथुआ मार्केट, खेतान मार्केट, पटना मार्केट, मुसल्लहपुर हाट, शहर के सभी सब्जी मंडी, कंकड़बाग सब्जी मंडी का तो सबसे ज्यादा बुरा हाल है। ऐसे में सभी सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फैला हुआ है।
हड़तालकर्मी गैंग बनाकर घूम रहे रात में
हड़तालकर्मियों का दल 20 से 25 की संख्या में दो पहिया वाहन से गैंग बनाकर रात में घूम रहे हैं। ऐसा इसलिए कि कहीं नगर निगम आउटसोर्स कर्मियों की मदद से कूड़ा तो नहीं उठा रहे हैं। जहां कूड़ा उठते हुए देखते हैं वहां कर्मियों को डराते और धमकाते हैं। जिससे आउटसोर्स कर्मी डर की वजह से निगम की सख्ती के बावजूद काम पर नहीं आ रहे हैं।
ऐसे कर्मियों का कहना है कि निगम पुलिस फोर्स उपलब्ध कराए तभी बिना डर के काम हो सकता है। हालांकि निगम की मांग के बावजूद पर्याप्त फोर्स नहीं मिलने से स्थिति यथावत बनी हुई है। वहीं नगर निगम ने अभी तक 35 अज्ञात और सात नामजद दैनिक मजदूरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है लेकिन उनपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि नगर आयुक्त के स्तर से पांच कर्मियों को कार्यमुक्त भी किया गया है।
चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ ने भी दिया समर्थन
पटना नगर निगम चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पीके आजाद भारतीय की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद महासचिव नंदकिशोर दास ने कहा है कि सरकार और निगम प्रशासन के टालमटोल व मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ एवं दैनिक कर्मियों की सेवा नियमित करने, समान काम के समान वेतन समेत अन्य लंबित मांगों की पूर्ति सहित अन्य मांगों के समर्थन में 13 सितंबर से हड़ताल पर जाने की घोषणा की गई है। सोमवार को जीपीओ गोलंबर से जुलूस के साथ बुद्ध मार्ग होते हुए निगम मुख्यालय मौर्यालोक जाएंगे और हड़ताल में शामिल होंगे। संघ के नेताओं ने कहा कि सफाई मजदूरों को बर्खास्त व झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है।
पार्षदों से हड़ताली कर्मियों ने मांगी मदद
समन्वय समिति के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने बताया कि पटना नगर निगम के कर्मियों ने रविवार को सभी पार्षदों से मिलकर ज्ञापन दिया और हड़ताल पर गए कर्मियों के प्रति समर्थन की मांग की। अधिकांश पार्षदों ने मांगों को जायज बताया। अगले चरण में राजनीतिक पार्टी को ज्ञापन सौंपा जायेगा। समन्वय समिति के संयोजक मंगल पासवान ने कहा है कि दमनात्मक कार्रवाई से हम भयभीत नहीं होने वाले हैं। संचालन समिति की बैठक में नीरज वर्मा, मुकेश ठाकुर, सुजित पासवान,भीम कुमार, सुजित पासवान, कन्हैया मिश्र, चंदन कुमार, भुवन भूषण भारती, पवन कुमार सहित संचालन समिति के तमाम सदस्य उपस्थित थे।
कई संगठनों ने हड़ताली सफाई कर्मियों का किया समर्थन
इस बीच ऐक्टू राज्य सचिव रणविजय कुमार, महासंघ (गोप गुट) महासचिव प्रेमचन्द कुमार सिन्हा, बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ अध्यक्ष शशि यादव, विद्यालय रसोइया संघ महासचिव सरोज चौबे, बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ अध्यक्ष आशीष कुमार ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर हड़ताली सफाई व अन्य कर्मियों की मांगों व हड़ताल का समर्थन किया है। सरकार से दलित-पिछड़े समुदाय से आने वाले सफाई व अन्य कर्मियों के नियमितीकरण, पद समाप्ति आदेश वापस लेने सहित सभी 12 सूत्री मांगों को अविलम्ब पूरा करने की जोरदार मांग की है।
निगम के तीन हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मी हैं कहां: विनय कुमार पप्पू
पटना नगर निगम के पूर्व उपमहापौर सह पार्षद विनय कुमार पप्पु ने बयान जारी कर नगर निगम प्रशासन और महापौर सीता साहू पर आरोप लगाया है कि दैनिक सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद से सारी जनता नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। विनय कुमार पप्पू ने राज्य सरकार से मांग की है कि आखिर आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत लगभग 3500 कर्मी कहां गायब हो गए इसकी जांच की जाए।
जब नगर निगम के स्थायी और दैनिक सफाई कर्मी हड़ताल पर हैं और पूरा पटना शहर नारकीय स्थिति में है। ऐसे में आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से निगम में कार्यरत कर्मी कहां गायब हैं। नगर निगम में सभी वार्डो में सफाई कार्य के लिए लगभग 1800 सफाई कर्मी, ड्राइवर लगभग 1200, गार्ड लगभग 100, टास्क फोर्स लगभग 250 लोग को लिया गया है। उन्होंने कहा कि कहीं आउटसोर्स के माध्यम से सिर्फ कागजों पर ही तो नहीं सारे लोग कार्य कर रहे हैं।