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वायुसेना के पूर्व सार्जेंट की बेटी सात साल से लापता, रिटायर इंस्पेक्टर पर अपहरण का आरोप

रिटायर इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी की करतूतें खुलने लगी हैं। उसकी प्रताड़ना से तंग वायु सेना से सेवानिवृत्त सार्जेंट शिव सिंह यादव डिप्रेशन के शिकार हो गए। उनका आरोप है कि फ्रेंड्स कॉलोनी का मकान कब्जाने के लिए रिटायर इंस्पेक्टर ने उनकी सात साल की बेटी का अपहरण करवा दिया। उन्हें यह भी शक है कि उसने बेटी के साथ कुछ गलत कर उसे मारकर कहीं फेंक दिया है।

सर्जेंट शिव सिंह बताते हैं कि उनकी बेटी महिमा सिंह यादव का जन्म 15 अगस्त 2006 को हुआ था। उस दौरान सम्पत्ति को लेकर रिटायर इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी से उनका विवाद चल ही रहा था। चकेरी में तैनाती के दौरान दिनेश ने उनके खिलाफ लूट, जान से मारने का प्रयास, मादक पदार्थ समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज कर दिए थे। इन्हीं आरोप में वह जेल में बंद थे। शिव सिंह का आरोप है कि मकान हथियाने के लिए दिनेश त्रिपाठी, दस्यु सुंदरी रेनू और डकैत माधव सिंह के साथ 21 मई 2014 को उनके घर पहुंचे और महिमा का अपहरण कर ले गए।

शिव सिंह के मुताबिक उनकी पत्नी रमाकांती ने बहुत प्रयास किया मगर बेटी का कुछ पता नहीं चला। 2018 में वह जमानत पर छूटे तो खोजने का प्रयास किया मगर नाकाम रहे। इसके बाद उन्होंने रिटायर इंस्पेक्टर समेत डकैतों के खिलाफ मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के यहां एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इस मामले में कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के लिए 29 अक्तूबर 2018 को आदेश दे दिए थे। एफआईआर दर्ज हुई।

जेल आए, बोले हस्ताक्षर करो

शिव सिंह बताते हैं कि वह कोर्ट में कार्रवाई कर ही रहे थे कि फिर से पुलिस ने उन्हें लूट के एक फर्जी मामले में जेल भेज दिया। एफआईआर होने के बाद विवेचक सादे कागज लेकर आया और बोला हस्ताक्षर करो बयान दर्ज होंगे। उनसे जबरन हस्ताक्षर लेने के बाद चला गया। शिव सिंह के मुताबिक उन्हें बाद में पता चला कि कोर्ट के आदेश पर उनकी ओर से दर्ज मुकदमे में पुलिस ने एफआर लगा दी है।

2013 में आखिरी बार देखी गई थी महिमा

केन्द्रीय विद्यालय वायुसेना स्थल चकेरी में आरटीआई डालने पर पता चला कि महिमा की स्कूल में अंतिम उपस्थिति 28 जून 2013 की थी। उसके बाद फीस न जमा करने पर स्कूल ने 31 जुलाई 2013 को उसका नाम काट दिया था।

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