फतेहगढ़ साहिब, [प्रदीप शाही]। भारत-पाक विभाजन में अपनों से बिछड़ जाने का दर्द आजादी के 70 साल बाद भी हजारों परिवारों के दिलों में टीस बनकर उभरता है। हजारों लोग सगे संबंधियों से मुलाकात की उम्मीद में दुनिया को भी अलविदा कह गए और कुछ परिवार आज भी यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि शायद विभाजन का दर्द जीवन के अंतिम पड़ाव में खुशी में बदल जाए। एक एेसी परिवार काे यह खुशी नसीब हुई। 70 साल पहले बिछड़ा यह परिवार के सदस्‍य महज 21 किलोमीटर की दूर मिला। इसमें उनकी मदद की हरिद्वार के पंडितों आैर फेसबुक ने ।

हरिद्वार के पंडितों से वशंजों का इतिहास पता कर फेसबुक पर किया शेयर

उम्मीद पर दुनिया कायम है की कहावत को सही साबित करने वाला यह परिवार है फतेहगढ़ साहिब के गांव खानपुर सोढियां के हरपाल सिंह सोढ़ी का। हरपाल सोढ़ी ने विभाजन में बिछड़े अपने परिवार के सदस्यों को सालों बाद ढूंढ निकाला। हैरानी की बात है कि 70 साल बाद खानपुर सोढियां के इस परिवार को उनके बिछड़े अपने अपने मात्र 21 किलोमीटर दूर खन्ना में मिले। यह 21 किलोमीटर की दूरी जो वह 70 साल में तय नहीं कर पाए, वह उन्होंने हरिद्वार के पंडितों और फेसबुक की मदद से तय कर ली।